
Jagan Gurjar Murder : भरतपुर में आरोपी विष्णु के घर के बाहर तैनात पुलिस जाप्ता। फोटो पत्रिका
Jagan Gurjar Murder : अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या का आरोपी विष्णु बाइक चोरी जैसे अपराधों में सजायाफ्ता होकर जेल पहुंचने के बाद संगठित गैंग का शूटर बन गया। वह साल 2023 में भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के प्रमुख आरोपियों में शामिल था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विष्णु के खिलाफ भरतपुर शहर के विभिन्न थानों में बाइक चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। इन्हीं मामलों में गिरफ्तारी के बाद 2023 में वह सेवर जेल पहुंचा। यहीं से उसके अपराध की दिशा बदल गई।
सेवर जेल में बंद रहने के दौरान विष्णु, कृपाल गैंग के संपर्क में आया। गैंग के गुर्गों ने उसकी जमानत कराने के साथ ही रहने-खाने का भी जिम्मा उठा लिया। जमानत के बाद वह दो सप्ताह तक कृपाल के घर पर ही रहा, जहां उसे गैंग द्वारा अंजाम दी गई वारदातों में शामिल किया गया।
जानकारी अनुसार 11 जुलाई 2023 को गैंग के सदस्य रविंद्र, आदित्य, पंकज और लॉकी विष्णु को जयपुर ले गए। वहां उसे बताया गया कि गैंगस्टर कुलदीप जघीना को पुलिस कोर्ट पेशी के लिए रोडवेज बस से भरतपुर ले जाएगी और उसे बस में बैठकर रैकी करनी है। प्लान के मुताबिक 12 जुलाई 2023 को विष्णु यात्री बनकर उसी बस में सवार होकर गैंग के गुर्गों को लगातार लोकेशन की जानकारी देता रहा।
आमोली टोल प्लाजा के पास गैंग के सदस्य पहुंचे तो विष्णु ने कुलदीप जघीना पर गोली चला दी। इसके बाद अन्य शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर कुलदीप की हत्या कर दी। जांच में सामने आया कि गैंग ने विष्णु का इस्तेमाल भाड़े के शूटर के रूप में किया था।
कुछ माह पहले विष्णु ने सरपंच पद के दावेदार को फोन पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार भी किया था। कुलदीप जघीना हत्याकांड में सजा काट रहे विष्णु अजान ने अब डकैत जगन गुर्जर की भी हत्या कर दी।
उधर वारदात में जेल उपअधीक्षक भंवर सिंह ने हत्या का मामला दर्ज कराया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी या फिर अचानक विवाद के बाद वारदात को अंजाम दिया।
धौलपुर. पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या के बाद परिजनों ने मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है। सोमवार देर शाम परिजन बाड़ी कोतवाली पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्रकरण अजमेर में दर्ज है और वहीं कार्रवाई होगी। जगन के पुत्र आसाराम ने आरोप लगाया कि करीब तीन माह पहले उसके पिता को धौलपुर जेल से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेजा गया था। उनका दावा है कि जेल में बंद चाचा पप्पू गुर्जर के साथ जगन एक ही बैरक में थे, लेकिन उन्हें कुलदीप जधीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु की बैरक में शिफ्ट कर दिया गया। वहीं सोमवार को उनकी हत्या हो गई।
Published on:
30 Jun 2026 07:13 am
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