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Jagan Gurjar: हाई सिक्योरिटी जेल में ही बंद था जगन गुर्जर का एक भाई, 4 में से 3 भाई अलग-अलग जेलों में काट रहे सजा

Rajasthan Crime: चंबल के कुख्यात पूर्व दस्यु जगन गुर्जर के भाई भी अलग-अलग जेलों में बंद थे। वह 4 भाई है जिसमें से 3 इस समय विभिन्न जेलों में सजा काट रहे हैं और 1 का नाम हाई सिक्योरिटी जेल से भी जुड़ा हुआ है।
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Ajmer Vishnu Singh Murder dacoit Jagan Gurjar son Asaram demands CBI inquiry Know whole story

Jagan Gurjar Murder : डकैत जगन गुर्जर। फाइल फोटो पत्रिका

Jagan Gurjar Brothers In Crime: चंबल के कुख्यात पूर्व दस्यु जगन गुर्जर के परिवार को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद रहने के दौरान जगन गुर्जर का एक भाई पप्पू भी वहीं बंद था। वहीं बाकी भाई भी अलग-अलग जेलों में सजा काट रहे हैं जिससे परिवार का आपराधिक मामलों से जुड़ा इतिहास सामने आया है।

3 भाई जेल में बंद

जगन गुर्जर का एक भाई लाल सिंह वर्तमान में 10 साल की सजा काट रहा है और वह केन्द्रीय कारागार सेवर भरतपुर में बंद है। वहीं एक अन्य भाई पान सिंह धौलपुर ओपन जेल में अपनी सजा पूरी कर रहा है। इस तरह जगन गुर्जर समेत कुल 4 भाइयों में से 3 अलग-अलग जेलों में बंद है।

जगन गुर्जर के नाम दर्ज है 128 आपराधिक मामले

जगन गुर्जर का नाम राजस्थान और मध्य प्रदेश में दर्ज करीब 128 आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है। इनमें से कई मामलों में वह अदालत से बरी भी हो चुका था। हाल ही में बाड़ी कोतवाली क्षेत्र में एक महिला के साथ मारपीट के मामले में गिरफ्तारी के बाद उसे धौलपुर जेल भेजा गया था, जहां से बाद में उसे अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया।

पहले दूध बेचता था कुख्यात अपराधी

भरतपुर जिले के थाना सोने का गुर्जा क्षेत्र के गांव भवूतीपुरा का रहने वाला जगन गुर्जर पहले दूध बेचने का काम करता था लेकिन एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी के बाद उसका जुड़ाव धीरे-धीरे अपराध की दुनिया से बढ़ता चला गया। इसके बाद उस पर कई गंभीर मुकदमे दर्ज होते गए और वह चंबल क्षेत्र में कुख्यात नाम बन गया।

वर्ष 2008 के पीलूपुरा गुर्जर आंदोलन के दौरान भी उसका नाम सुर्खियों में आया था जब उसने कथित तौर पर हथियार लहराते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इसके बाद धौलपुर के बसई डांग क्षेत्र में एक हत्याकांड से उसका नाम जुड़ा और पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। बाद में उसने करौली जिले में आयोजित एक मेले के दौरान सरेंडर कर दिया था।

हालांकि सरेंडर के बाद भी उसका आपराधिक सफर खत्म नहीं हुआ। 2019 में बाड़ी और बसई डांग क्षेत्र में फायरिंग, मारपीट और अन्य गंभीर घटनाओं के चलते वह फिर सुर्खियों में आ गया था। आरोप है कि उसने कई स्थानों पर हथियारों के साथ घटनाओं को अंजाम दिया जिसके बाद पुलिस ने उस पर कार्रवाई तेज की और वह फिर से जेल भेजा गया।