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Jagan Gurjar Murder : विष्णु गैंग के गुर्गों पर अनर्गल कमेंट बने डकैत जगन गुर्जर का ‘काल’, बेटे ने CBI जांच की मांग की

Jagan Gurjar Murder : आखिरकार डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। यह हत्या जगन गुर्जर के कथिततौर पर विष्णु और उसके साथियों को लेकर लगातार अनर्गल टिप्पणियां का परिणाम था। बेटे ने सीबीआइ जांच की मांग की।
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Ajmer Vishnu Singh Murder dacoit Jagan Gurjar son Asaram demands CBI inquiry Know whole story

Jagan Gurjar Murder : डकैत जगन गुर्जर व अजमेर के घूघरा स्थित हाई सिक्योरिटी जेल । फाइल फोटो पत्रिका

Jagan Gurjar Murder : अजमेर में घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या अचानक ही नहीं हुई बल्कि आरोपी विष्णुसिंह उर्फ बोना और डकैत जगन गुर्जर के बीच गत करीब तीन माह से चल रहे तनाव का परिणाम थी। सूत्रों के अनुसार जगन कथित तौर पर विष्णु और उसके साथियों को लेकर लगातार अनर्गल टिप्पणियां करता था। सोमवार को विवाद उस समय जानलेवा बन गया जब दोनों लूडो खेल रहे थे। लूडो खेलने के कुछ देर बाद ही विष्णु ने कथित तौर पर गमछे से जगन का गला घोंट दिया।

सूत्रों के अनुसार गत तीन साल से हाई सिक्योरिटी जेल में बंद भरतपुर अजाना निवासी विष्णु सिंह करीब तीन माह से जगन गुर्जर के व्यवहार से परेशान था। बताया जाता है कि जगन उसकी गैंग व साथियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था। सूत्रों के मुताबिक विष्णु ने कई बार उसे ऐसा नहीं करने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन जगन ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।

सुबह विवाद के बावजूद एकसाथ रखा

जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह नाश्ते के दौरान दोनों के बीच हुई कहासुनी के बावजूद जेल प्रशासन ने नियमित प्रक्रिया में सुबह करीब 11 बजे दोनों को सेल नंबर-2 में एकसाथ बंद कर दिया। कुछ देर तक दोनों ने सामान्य रूप से बैरक की सफाई करने के बाद साथ में लूडो भी खेला।

बैरक खुलते ही कहा- 'मैंने ही मारा'

प्रारंभिक जांच के अनुसार विष्णु ने अचानक मौका देखकर जगन के गले में गमछा कस दिया। उसने जगन के निढाल होने के बाद वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कथित कोशिश की, हालांकि सफल नहीं हो सका। दोपहर 3 बजे जब बैरक खोली गई तो जगन गुर्जर मृत अवस्था में मिला। जेलकर्मियों की विष्णु से पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार करते हुए कहा, मैंने ही मारा। प्रारंभिक पूछताछ में उसने आपसी रंजिश और गैंग को लेकर की जा रही कथित टिप्पणियों को हत्या की वजह बताया। विष्णु ने जगन का गमछे से गला घोंटने के बाद हाथों से भी गला दबाया था। ताकि उसके बचने की कोई उम्मीद ना रहे। सूत्रों के अनुसार, जगन के गले के दोनों तरफ अंगुलियों के निशान मिले हैं।

हत्या का मामला दर्ज, जांच शुरू

वारदात में जेल उपअधीक्षक भंवर सिंह ने हत्या का मामला दर्ज कराया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी या फिर अचानक विवाद के बाद वारदात को अंजाम दिया। देर शाम जगन के शव को कड़े सुरक्षा पहरे में जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मोर्चरी के बाहर कोतवाली थाना पुलिस की निगरानी में हथियारबंद पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।

विष्णु ने जगन गुर्जर की हत्या करना कबूला

प्रथमदृष्ट्या हाई सिक्योरिटी जेल की बैरक में साथी रहे विष्णु ने गमछे से गला दबाकर हार्डकोर अपराधी जगन गुर्जर की हत्या करना कबूला है। जगन के शरीर पर कोई जाहिरा चोट के निशान नहीं मिले है। न गैंगवार जैसी कोई बात सामने आई है। अनुसंधान किया जा रहा है।
हर्षवर्धन अग्रवाला, एसपी अजमेर

बेटे ने सीबीआइ जांच की मांग की, जेल प्रशासन पर उठाए सवाल

धौलपुर. पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या के बाद परिजनों ने मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है। सोमवार देर शाम परिजन बाड़ी कोतवाली पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्रकरण अजमेर में दर्ज है और वहीं कार्रवाई होगी। जगन के पुत्र आसाराम ने आरोप लगाया कि करीब तीन माह पहले उसके पिता को धौलपुर जेल से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेजा गया था। उनका दावा है कि जेल में बंद चाचा पप्पू गुर्जर के साथ जगन एक ही बैरक में थे, लेकिन उन्हें कुलदीप जधीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु की बैरक में शिफ्ट कर दिया गया। वहीं सोमवार को उनकी हत्या हो गई।

पहले भी दी थी शिकायत

आसाराम का आरोप है कि अजमेर जेल में उसके पिता को लगातार परेशान किया जा रहा था। इसे लेकर उन्होंने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म को भी शिकायत पत्र दिया था। उन्होंने आशंका जताई कि जेल में बंद उनके चाचा पप्पू गुर्जर की सुरक्षा भी खतरे में है।