
Jagan Gurjar Love Story : कुख्यात डकैत जगन गुर्जर फाइल फोटो। व बाड़ी कोतवाली पहुंचे जगन के परिजन। फोटो पत्रिका
Jagan Gurjar Love Story : अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में पूर्व इनामी डकैत जगन गुर्जर की जेल में बंद एक और नामी अपराधी विष्णु ने हत्या कर दी। कभी चंबल के बीहड़ों की दहशत डकैत जगन गुर्जर का आखिरकार एक खामोश अंत हो गया। करीब दो दशक तक अपराध जगत में कुख्यात रहे जगन गुर्जर की एक दिलचस्प लवस्टोरी भी है। जगन गुर्जर और कोमेश की प्रेम कहानी ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थी। पुलिस के अनुसार, पिता की हत्या के बाद कोमेश बीहड़ में चली गई और महिला दस्यु बनी। बताया जाता है कि गर्भवती होने पर वह ऊंट पर सवार होकर बीहड़ से हिंडौन पहुंची, जहां एक निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। कुछ दिन बाद वह फिर बीहड़ लौट गई।
वर्ष 2008 में पुलिस मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जगन की तीन पत्नियां-ममता, मुकेश और कोमेश थीं। पहली पत्नी ममता ने वर्ष 2017 में धौलपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ा था, लेकिन हार गईं। वर्ष 2010 जून में बेटी की शादी में जगन गुर्जर ने अपराध की दुनिया से दूर रहने की कसम खाई थी।
पूर्व इनामी दस्यु जगन गुर्जर का अपराध जगत में प्रवेश एक मामूली चोरी के मामले से हुआ था। इसके बाद उसने चंबल के बीहड़ों का रुख किया और हत्या, अपहरण, रंगदारी, फायरिंग तथा अवैध हथियारों समेत कई संगीन मामलों में आरोपी बन गया। जगन करीब दो दशक तक अपराध जगत में चर्चित नाम रहा। राजस्थान और मध्यप्रदेश में उसके खिलाफ कुल 128 मामले दर्ज हुए। धौलपुर जिले के भवूतीपुरा गांव निवासी जगन गुर्जर शुरुआत में दूध बेचता था। चोरी के एक मामले में जेल जाने के दौरान उसका संपर्क अपराधियों से हुआ। इसके बाद उसने चंबल के बीहड़ों का रुख किया और धीरे-धीरे इनामी दस्यु बन गया।
वर्ष 2008 में भरतपुर के पीलूपुरा में गुर्जर आंदोलन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी देने के बाद वह प्रदेशभर में चर्चा में आया। उसी दिन धौलपुर के नयापुरा हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया। पुलिस दबाव बढ़ने पर उसने करौली में आत्मसमर्पण किया। कई मामलों में गवाह नहीं मिलने से उसे राहत मिली। जेल से बाहर आने के बाद भी फिर आपराधिक वारदातों में शामिल रहा।
1- जीजा की हत्या का लिया बदला
बसई डांग क्षेत्र में अपने जीजा की हत्या के बाद जगन गुर्जर पर बटेश्वर गांव में दो लोगों की हत्या करने का आरोप लगा। इस दोहरे हत्याकांड से इलाके में दहशत फैल गई और पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।
2- 2019 में फिर सुर्खियों में
12 जून 2019 को बाड़ी क्षेत्र में दिनदहाड़े फायरिंग, मारपीट और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद जगन फिर चर्चा में आया। पुलिस दबाव के बीच 28 जून को उसने बाड़ी सदर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।
3- पूर्व विधायक को दी थी धमकी
जनवरी 2022 में जगन पर बाड़ी के तत्कालीन विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को फोन पर धमकी देने का भी आरोप लगा। कथित ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी।
4- मंदिर में घंटा चढ़ाने की चर्चा
भवूतीपुरा के पास स्थित थून के बाबू महाराज मंदिर से जगन गुर्जर के परिवार का जुड़ाव बताया जाता है। स्थानीय लोगों में चर्चा रही कि उसने मंदिर में कई किलो वजनी घंटा चढ़ाया था। हालांकि पुलिस ने कभी इसकी पुष्टि नहीं की।
बरी 78
ट्रायल में 16
दोष सिद्ध 08
जमानत खारिज 01
जांचाचीन 06
अन्य मामले 10
मप्र में दर्ज मामले 09
(पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान में 30 मामले लंबित थे।)
जगन गुर्जर पहली मर्तबा अजमेर जेल में नहीं आया। वह पहले भी हाई सिक्योरिटी जेल में रह चुका है। 21 मार्च 2026 में बाड़ी में एक महिला से मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया। हार्डकोर अपराधी होने के कारण उसे धौलपुर जेल से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेजा गया, जहां सोमवार को उसकी हत्या कर दी गई।
2001: तत्कालीन एसपी बीजू जॉर्ज जोसफ के समक्ष।
30 जनवरी 2009: करौली के देवनारायण मेले में।
19 अगस्त 2018: तत्कालीन आइजी मालिनी अग्रवाल के समक्ष।
फरवरी 2022: करौली पुलिस के समक्ष।
जगन के तीन भाइयों में पप्पू अजमेर जेल, लालसिंह भरतपुर की सेवर जेल और पान सिंह धौलपुर ओपन जेल में सजा काट रहा है।
Published on:
30 Jun 2026 08:33 am
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