
Human Trafficking Gang Rajasthan: अजमेर में दरगाह अंदरकोट क्षेत्र से नाबालिग को बहला-फुसलाकर अगवा करने, ‘मियादी शादी’ का झांसा देकर बेचने और लाखों रुपए वसूलने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि गिरोह की महिला सरगना ने पीड़िता को चूरू सरदारशहर से पहले भी दो अलग-अलग स्थानों पर बेचा था। इधर, प्रकरण की पड़ताल में जुटी दरगाह थाना पुलिस ने मामले में अब गिरोह की महिला सरगना समेत अब तक 6 आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस सम्भवत: शुक्रवार को प्रकरण में पूरा खुलासा करेगी।
अजमेर पुलिस की पड़ताल में आया है कि गिरोह अपने जाल में फंसी नाबालिग को पहले मियादी शादी के लिए तैयार करते हैं। फिर उसको एक के बाद एक कई स्थानों पर बेचकर मोटी रकम वसूली जाती है। गिरोह की महिला सरगना ने पीड़िता के तीन सौदों से अच्छा खासा मुनाफा कमाया लेकिन पीड़िता को कोई राशि नहीं दी गई। प्रकरण में अनुसंधान कर रहे वृत्ताधिकारी (दरगाह) लक्षमणराम चौधरी प्रकरण की कड़ी से कड़ी जोड़ने में लगे है।
जानकारी के अनुसार पीड़िता पहले दो स्थानों से निकलने में सफल रही, लेकिन सरदारशहर में जिस अधेड़ उम्र युवक से उसकी शादी कराई गई, उसके परिवार ने उसे कड़ी निगरानी में रखा। पीड़िता को शारीरिक प्रताड़ना भी दी गई। पुलिस की पड़ताल में पीड़िता ने यह भी कबूला किया कि आरोपी देहशोषण करने से पहले उसको नशीला पदार्थ पिला देते थे। पीड़िता के हाथ, कमर पर मिले घावों का पुलिस ने मेडिकल परीक्षण भी कराया है।
पड़ताल में सामने आया है कि गिरोह की महिला सरगना साथ काम करने वाली महिलाओं के जरिए नाबालिग को रोजगार दिलाने का झांसा देकर फंसाती थी। इसके बाद ग्राहक मिलने पर उन्हें मियादी शादी का लालच देकर बेच दिया जाता था। कुछ दिन संबंधित परिवार में रहने के बाद पीड़िताएं बहाने से लौट आती थीं।
जांच में यह भी पता चला है कि चूरू जिले के सरदारशहर में गिरोह का स्थानीय दलाल सक्रिय था। ग्राहक मिलने पर वह गिरोह की महिलाओं से सम्पर्क कर नाबालिग को बुलवाता था। वहां झूठी शादी की रस्में पूरी करके उसको बेच दिया जाता था।
पीड़िता के पास उम्र संबंधी कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण पुलिस ने उसकी वास्तविक उम्र के निर्धारण के लिए जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में उसकी उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच आंकी गई है। पुलिस ने प्रकरण में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गम्भीर धाराओं को शामिल करते हुए मामला दर्ज किया है। पुलिस पुलिस पड़ताल में आया कि पीडिता धार्मिक संस्था में शिक्षित हुई है।
मामले में पुलिस ने गिरोह की कथित सरगना, उसके पति, बेटे, दो अन्य महिलाएं व नाबालिग से शादी रचाने वाले युवक को हिरासत में लिया है। पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई में पकड़ आई महिला की निशानदेही पर गिरोह की महिला सरगना और उसके परिवार के सदस्यों तक पहुंच बनाई।