
अजमेर में कैटरिंग की आड़ में मानव तस्करी। Photo: AI-generated
अजमेर। दरगाह क्षेत्र के अन्दरकोट इलाके में सक्रिय मानव तस्करी गिरोह की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि गिरोह अवैध कारोबार को छिपाने के लिए ‘कटिंग’ जैसे कोडवर्ड का इस्तेमाल करता था। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के जाल में ओर भी नाबालिग फंसी हो सकती हैं। प्रकरण सामने आने के बाद अब अजमेर में अन्य पीड़ित भी धीरे-धीरे सामने आने लगी हैं।
जानकारी के अनुसार गैंग के शातिर संभावित शिकार और खरीदार तय होने के बाद आपस में ‘कटिंग’ शब्द का इस्तेमाल करते थे। कोडवर्ड कथिततौर पर नाबालिगों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का संकेत था। पुलिस इस एंगल पर गंभीरता से जांच कर रही है कि इस नेटवर्क की पहुंच अजमेर से बाहर किन क्षेत्रों तक थी।
पड़ताल में सामने आया कि गिरोह की एक महिला कैटरिंग व्यवसाय से जुड़ी हुई है। शादी-समारोहों और सामाजिक आयोजन में वह किशोरियों से संपर्क साधती थी। उन्हें बेहतर जीवन, रोजगार व आर्थिक सहायता के सपने दिखाकर विश्वास में ले लिया जाता था। बाद में उन्हें गिरोह की अन्य महिला सदस्यों के संपर्क में लाया जाता, जहां से पूरा नेटवर्क सक्रिय हो जाता था।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि गिरोह की कथित सरगना, उसके परिजन लंबे समय से बेरोजगार, खानाबदोश जीवन जीने का दावा करते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद दरगाह नई सड़क क्षेत्र में संपत्ति अर्जित कर चुके हैं। इसी तरह गिरोह की एक अन्य महिला सदस्य का इलाके में ब्याज पर पैसा देने का काम भी करना बताया जा रहा है। उसने सम्पत्ति खड़ी करने के साथ आर्थिक प्रभाव भी जमा लिया है।
गिरोह से जुड़े ऑटो रिक्शा चालक का नाम फिर से चर्चा में है। पड़ताल में सामने आया कि वह पूर्व में एक नाबालिग के अपहरण मामले में पुलिस की पूछताछ का सामना कर चुका है। हालांकि उस समय उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले थे लेकिन मौजूदा केस में उसकी भूमिका की फिर से पड़ताल की जा रही है।
गिरोह के खुलासे के बाद क्षेत्र के कई परिवार अपनी आपबीती साझा करने के लिए आगे आ रहे हैं। आरोप है कि पहले उन्हें धमका कर चुप करा दिया गया था, जिसके कारण पुलिस तक नहीं पहुंच सके। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे पीड़ित सामने आएंगे,नेटवर्क की व्यापकता और उसके पीछे काम कर रहे अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होती जाएगी। पुलिस अब पश्चिम बंगाल कनेक्शन सहित पूरे मानव तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
Updated on:
18 Jun 2026 02:25 pm
Published on:
18 Jun 2026 02:25 pm
