
अजमेर में स्थापित हेल्प डेस्क के सफलतापूर्वक दो वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित लाभार्थी संवाद कार्यक्रम (पत्रिका फोटो)
JLN Hospital Speaker Help Desk: अजमेर: सरकारी अस्पतालों को लेकर लोगों के मन में अक्सर लंबी कतारें, भटकाव और निराशा की तस्वीर उभरती है। लेकिन सोमवार दोपहर जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में कुछ अलग नजारा था। मंच पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी थे, जबकि दर्शक दीर्घा में मरीज और उनके परिजन। अवसर था जेएलएन अस्पताल में संचालित 'स्पीकर हेल्प डेस्क' के दो वर्ष पूरे होने का।
माहौल उस समय भावुक हो गया, जब हेल्प डेस्क द्वारा समय पर की गई सहायता और सहयोग की रोगियों और उनके परिजनों ने खुले दिल से सराहना की। किसी ने अपनी मां, पत्नी के बचने की कहानी सुनाई तो कोई पिता को समय पर मिले खून, इलाज को याद कर भावुक हो रहा था। लोगों की बातें सुनकर वासुदेव देवनानी का भी गला भर आया। उन्होंने जीवन पर्यंत अजमेर की सेवा करने का संकल्प लिया।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य मानव सेवा होना चाहिए। जरूरतमंदों की सहायता की सोच पर ही हेल्प डेस्क शुरू की गई थी, ताकि मरीज भटकने के बजाय समय पर सही चिकित्सक तक पहुंच सकें।
उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि मरीज केवल दवा ही नहीं, अपनापन भी चाहता है। डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप है। वे सेवाभाव से काम करेंगे तो मरीजों की दुआएं जीवनभर उनके साथ रहेंगी। उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसके अरोड़ा के संवेदनशील व्यवहार का उदाहरण देकर जरूरतमंद मरीजों को यथासंभव निःशुल्क परामर्श और सहयोग देने का आह्वान किया।
साल 2024 में जेएलएन अस्पताल के इमरजेंसी ब्लॉक में शुरू हुई स्पीकर हेल्प डेस्क हजारों रोगियों का सहारा बन चुकी है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने बताया कि पिछले 2 साल में करीब 15 हजार मरीजों को डेस्क के माध्यम से इलाज की प्रक्रिया में सहयोग मिला है। भाजपा शहर अध्यक्ष रमेश सोनी ने कहा कि रोगी की मदद करना ही बीमार की सबसे बड़ी सेवा है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया व अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने स्पीकर हेल्प डेस्क के 24 घंटे सुचारू संचालन का विश्वास दिलाया। समारोह में हेल्प डेस्क नोडल प्रभारी उप अधीक्षक डॉ. अमित यादव, नर्सिंग प्रभारी सीनियर नर्सिंग ऑफिसर घनश्याम जोशी, महिपाल चौधरी व उनकी टीम को सम्मानित किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. हेमेश्वर हर्षवर्धन, डॉ. कमलेश तनवानी, डॉ. आभा भारद्वाज, डॉ. गरिमा बाफना समेत कई मौजूद रहे।
3 अगस्त 2024 से अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के पास संचालित हेल्प डेस्क टीम मरीजों को संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक तक पहुंचाने, जांच, भर्ती, दवाइयां दिलवाने में सहयोग करती है। उपचार से डिस्चार्ज तक मरीज व परिजनों को फीडबैक लिया जाता है।
Updated on:
04 Aug 2026 09:55 am
Published on:
04 Aug 2026 09:55 am
