6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Vidhan Sabha : 20 अगस्त से विधानसभा में ‘घमासान’, UCC बिल, पेपर लीक और पंचायत चुनाव का दिखेगा असर

Rajasthan Vidhan Sabha Session: राजस्थान विधानसभा का छठा सत्र 20 अगस्त 2026 से। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी, UCC और ट्री एक्ट बिल सहित कई अहम मुद्दों पर सदन में घमासान तय।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Nakul Devarshi

•

Updated: 31 Jul 2026, 8:13 AM IST

rajasthan vidhansabha

Rajasthan Vidhan Sabha - File PIC

राजस्थान की 16वीं विधानसभा का छठा (मॉनसून) सत्र आगामी 20 अगस्त से जयपुर स्थित विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जानकारी देते हुए बताया कि संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने सत्र आहूत करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। गुरुवार 20 अगस्त को सुबह 11 बजे से शुरू हो रहा यह सत्र लगभग एक सप्ताह तक चलने की संभावना है। पिछला विधानसभा सत्र 10 मार्च को समाप्त हुआ था, जिसके चलते 9 सितंबर 2026 से पहले नया सत्र बुलाना सरकार के लिए संवैधानिक बाध्यता भी थी। इस लघु अवधि के सत्र में प्रदेश की भजनलाल शर्मा सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) और खेजड़ी व कल्पवृक्ष संरक्षण से जुड़े ट्री एक्ट जैसे ऐतिहासिक बिल पटल पर रखने की तैयारी में है, जिसको लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

राज्यपाल ने जारी की अधिसूचना

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल की मंजूरी के बाद सचिवालय ने सत्र संचालन की सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े की हरी झंडी मिलते ही विधानसभा सचिवालय ने 20 अगस्त 2026 से सत्र बुलाने की गजट अधिसूचना जारी की।

20 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे राष्ट्रगीत के साथ सदन की कार्यवाही प्रारंभ होगी। जानकार सूत्रों के अनुसार यह सत्र एक सप्ताह से कम अवधि का हो सकता है। वासुदेव देवनानी ने बताया कि विधानसभा सचिवालय द्वारा सत्र के सुचारु संचालन के लिए नियमों और संसदीय परंपराओं के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

पेश हो सकते हैं UCC और ट्री एक्ट बिल

इस सत्र के दौरान राज्य सरकार कई दूरगामी और महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों को कानून का रूप देने की योजना बना रही है।

यूसीसी (Uniform Civil Code) बिल: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तराखंड की तर्ज पर राजस्थान में भी समान नागरिक संहिता लागू करने से जुड़ा महत्वाकांक्षी UCC बिल इस सत्र में पेश किया जा सकता है।

ट्री एक्ट बिल (खेजड़ी संरक्षण): राज्य सरकार ने पिछले सत्र में मरुस्थल के गौरव 'खेजड़ी' और 'कल्पवृक्ष' के संरक्षण के लिए विशेष विधेयक लाने का ऐलान किया था। इसका ड्राफ्ट पूरी तरह तैयार हो चुका है और इस सत्र में इसे मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

अन्य सुधार विधेयक: शिक्षा, वित्तीय प्रबंधन, कृषि और जनहित से जुड़े कुछ अन्य संशोधन बिल भी सदन के पटल पर रखे जाने की उम्मीद है।

इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

भले ही सत्र की अवधि एक सप्ताह के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन आगामी पंचायत व निकाय चुनावों के बीच होने के कारण राजनीतिक माहौल गरमाएगा।

पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दे: कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल हाल ही में सामने आए रोजगार, भर्तियों और पेपर लीक प्रकरणों को लेकर सरकार पर तीखे हमले करेंगे।

मानसून, पेयजल और बिजली संकट: प्रदेश के कई जिलों में मानसून के दौरान फसल नुकसान, खाद-बीज की किल्लत और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्याओं को लेकर विपक्षी विधायक हंगामा कर सकते हैं।

कानून-व्यवस्था: राज्य में आपराधिक घटनाओं, महिला सुरक्षा और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक ढिलाई को लेकर विपक्ष ने फ्लोर मैनेजमेंट की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

6 महीने की संवैधानिक बाध्यता

भारतीय संविधान के नियमों के मुताबिक दो विधानसभा सत्रों के बीच 6 महीने से अधिक का अंतराल नहीं हो सकता है। 10 मार्च 2026 को बजट सत्र खत्म होने के बाद 9 सितंबर 2026 से पहले सत्र बुलाना आवश्यक था, जिसे देखते हुए 20 अगस्त की तारीख तय की गई है।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में विधानसभा में डिजिटल सुरक्षा, ई-विधान व्यवस्था और मंत्रियों के जवाब समय पर टेबल कराने की गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं।