1 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

SOG ने 10 हजार के इनामी परीक्षा माफिया को किया गिरफ्तार, लाखों रुपये लेकर सरकारी परीक्षाओं में बैठाता था डमी कैंडिडेट

Dummy Candidate Scam: राजस्थान SOG ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बैठाने वाले 10 हजार के इनामी आरोपी दिलखुश मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी लाखों रुपए लेकर भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का अहम सदस्य बताया जा रहा है।
2 min read
Google source verification
Dummy Candidate Scam

आरोपी दिलखुश मीणा (Photo-Patrika)

Exam Cheating Racket: राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह के फरार सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। जांच में सामने आया है कि वह सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उनकी जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाने का इंतजाम करता था। फिलहाल एसओजी उससे पूछताछ कर रही है।

लंबे समय से था फरार

एसओजी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 30 साल के दिलखुश मीणा के रूप में हुई है, जो अलवर जिले के राजगढ़ का रहने वाला है। वह काफी समय से फरार चल रहा था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। 29 जुलाई को टीम ने उसे पकड़ लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसका गिरोह के अन्य लोगों के साथ संपर्क कितना गहरा था और किन-किन परीक्षाओं में उसकी भूमिका रही।

सरकारी भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने का था पूरा खेल

जांच में सामने आया कि यह गिरोह सरकारी भर्ती परीक्षाओं में असली अभ्यर्थी की जगह डमी कैंडिडेट बैठाने का काम करता था। इसके बदले उम्मीदवारों से लाखों रुपए वसूले जाते थे। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ओर से 15 जुलाई 2018 को आयोजित संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) परीक्षा में भी इसी तरह की गड़बड़ी सामने आई थी। गिरोह ने असली उम्मीदवार की जगह दूसरे व्यक्ति को परीक्षा दिलाकर अवैध कमाई की।

गिरोह में दलाल की भूमिका निभाता था आरोपी

एसओजी की जांच में दिलखुश मीणा की भूमिका गिरोह के दलाल के रूप में सामने आई है। वह ऐसे अभ्यर्थियों की तलाश करता था जो किसी भी कीमत पर सरकारी नौकरी पाना चाहते थे। इसके बाद उनकी गिरोह के दूसरे सदस्यों से बात करवाई जाती थी और पूरी डील तय होती थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी कई उम्मीदवारों और गिरोह के सदस्यों के बीच अहम कड़ी का काम करता था।

मामले में पहले ही 10 आरोपी हो चुके गिरफ्तार

एसओजी ने बताया कि इस परीक्षा चीटिंग गिरोह के खिलाफ कार्रवाई पहले से जारी है। अब तक प्रमोद कुमार यादव, अवनीश कुमार उर्फ मोनू, चेतराम मीणा, विनय कुमार सिंह और सुनील कुमार मीणा समेत कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दिलखुश मीणा की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े और कौन-कौन लोग अभी फरार हैं और भर्ती परीक्षाओं में इस गिरोह की पहुंच कितनी दूर तक थी।