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JEN पेपर लीक: 12 बार परीक्षा में फेल, फिर 25 लाख में खरीदा जेईएन भर्ती का पेपर, कोटा में तैनात असिस्टेंट इंजीनियर गिरफ्तार

राजस्थान जेईएन पेपर लीक मामले में एसओजी ने जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता अतुल मीणा को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि उसने 25 लाख रुपए देकर लीक प्रश्नपत्र खरीदा था। आरोपी फिलहाल कोटा में तैनात है।
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जयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 3 Aug 2026, 9:23 PM IST

Rajasthan JEN Paper Leak

अतुल मीणा (पत्रिका फोटो)

Rajasthan JEN Paper Leak: जयपुर: कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 (पुनः परीक्षा-2021) के पेपर लीक मामले में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई की है। SOG ने जल संसाधन विभाग, उपखंड कोटा में सहायक अभियंता (AEn) के पद पर कार्यरत अतुल मीणा को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि दौसा के सालीमपुर निवासी आरोपी अतुल ने परीक्षा से पहले 25 लाख रुपए में लीक हुआ हल प्रश्नपत्र खरीदा था।

माफिया पटवारी हर्षवर्धन से जुड़ा नेटवर्क

SOG के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल के अनुसार, जेईएन भर्ती परीक्षा-2020 का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद 12 सितंबर 2021 को आयोजित हुई पुनः परीक्षा का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से पहले ही पेपर माफिया तक पहुंच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 जनवरी 2026 को SOG थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके मुख्य आरोपी हर्षवर्धन कुमार मीणा उर्फ पटवारी ने पूछताछ में बताया कि उसने अतुल मीणा समेत कई अन्य अभ्यर्थियों को लीक पेपर उपलब्ध कराया था। अतुल ने हर्षवर्धन के एक करीबी रिश्तेदार के माध्यम से 25 लाख रुपए का सौदा तय किया था।

12 परीक्षाओं में रहा असफल

पूछताछ के दौरान यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि आरोपी अतुल मीणा ने इस भर्ती से पहले करीब एक दर्जन अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया था। लेकिन उसे किसी भी परीक्षा में सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद उसने नौकरी हासिल करने के लिए 25 लाख रुपए देकर लीक पेपर खरीदने का रास्ता चुना।

5 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर आरोपी

गिरफ्तारी के बाद SOG ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उसे 5 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। SOG अब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि इस भर्ती परीक्षा के जरिए लाभ उठाने वाले अन्य अभ्यर्थियों और पेपर माफिया के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। ADG विशाल बंसल ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर अन्य संलिप्त आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।