
Rajasthan : मदन दिलावर व ओटाराम देवासी। फोटो DIPR
Madan Dilawar : राजस्थान में चारागाह की जमीन पर अतिक्रमण करना भारी पड़ सकता है। पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमियों को नोटिस जारी करें और समय सीमा के बाद भी कब्जा नहीं हटने पर सीधे एफआइआर दर्ज कर अतिक्रमण हटाएं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई में ढिलाई बरतने वाले अधिकारी भी जवाबदेही से नहीं बचेंगे। मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को शासन सचिवालय में अधिकारियों की बैठक ली।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अतिक्रमणकारियों के नाम, विवरण तथा कार्रवाई से संबंधित फोटो और जानकारी स्थानीय समाचार पत्रों व अन्य मीडिया माध्यमों में प्रकाशित कराई जाए, ताकि ऐसे मामलों में जनजागरूकता बढ़े और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के प्रति प्रभावी संदेश जाए।
राजस्थान के पंचायतीराज मंत्री दिलावर ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में कार्यरत सुरक्षा गार्डों का लंबित भुगतान शीघ्र कराया जाए। भुगतान में अनावश्यक विलंब करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी तथा दोषी एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि घुमंतू समुदाय के परिवारों के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय भी विभिन्न मामलों में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर विशेष बल दे चुका है। ऐसे में घुमंतू समुदाय के परिवारों को उचित पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना नहीं हटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों का संवेदनशीलता के साथ निस्तारण करते हुए आवश्यकतानुसार पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मंत्री कार्यालय से प्राप्त एक वर्ष से अधिक समय से लंबित, छह से बारह माह, तीन से पांच माह, एक से तीन माह तथा एक माह तक के लंबित प्रकरणों की श्रेणीवार समीक्षा की गई। मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि मंत्री कार्यालय में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार समय पर निस्तारण किया जाए तथा लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर भविष्य में अनावश्यक विलंब की स्थिति नहीं बनने दी जाए। बैठक में पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
Updated on:
03 Aug 2026 09:06 pm
Published on:
03 Aug 2026 09:06 pm
