नगर निगम महापौर का पद एससी महिला के लिए आरक्षित
हिमांशु धवल
अजमेर. अजमेर नगर निगम में महापौर का पद अनूसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित होते ही कई दिग्गजों के मसूंबो पर जहां पानी फिर गया, वहीं अनुसूचित जाति की कई महिला दावेदारों की नजरें अब महापौर के पद पर टिक गई हैं।
अजमेर नगर निगम के चुनाव अगस्त 2020 में होंगे। नगर निगम महापौर का पद लॉटरी के बाद सामान्य से अनुसूचित जाति (महिला) की झोली में चला गया है। इससे सामान्य व ओबीसी वर्ग के कई वर्तमान व पूर्व पार्षद सहित अन्य नेता दावेदारी की दौड़ से बाहर हो गए। एसी वर्ग के पुरुष दावेदारों के भी स्वयं के चुनाव लडऩे की मंशा पर पानी फिर गया है। महापौर पद की लालसा रखने वाले एससी वर्ग के दावेदारों को अब परिवार की किसी महिला को ही मैदान में उतारना होगा। गौरतलब है कि अजमेर नगर निगम में परिसिमन के बाद वार्डों की संख्या भी 60 से बढकऱ 80 हो गई है। इससे भी कइयों की जमीन खिसकी है।
अब वार्डों की लॉटरी का इंतजार
नगर निगम चुनाव में अभी आठ माह से अधिक का समय है, ऐसे में दावेदारों को अब वार्डों की लॉटरी का इंतजार रहेगा। हालांकि चुनाव लड़े बिना भी महापौर बने जाने का फैसला आने के बाद कई दावेदारों ने अभी से दौड़ धूप शुरू कर दी है। परिसिमन के हिसाब से अजमेर में 7 वार्ड अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। इन वार्डों से चुनाव लडऩे वाली महिला महापौर बन सकती है। ऐसे में एससी वर्ग के पुरुष दावेदारों को अपने परिवार की किसी महिला को महापौर बनाने के लिए उक्त 7 वार्डों में ही जमीन तलाशनी होगी।