सवाल : क्या हिडन एजेंडा है जो महापौर को नहीं बताना चाहते? सलाह : आयुक्त का काम केवल डाकिए का नहीं है
अजमेर. नगर निगम में बजट के लिए साधारण सभा बुलाए जाने की बात को लेकर हुए विवाद के दूसरे दिन महापौर ने बिना एजेंडे के ही साधारण सभा की तारीख तय कर दी। उन्होंने साधारण सभा 10 फरवरी को सुबह 11 बजे बुलाए जाने के लिए कहा है। हालांकि साथ में उन्होंने नियम-कायदे बताते हुए आयुक्त को भविष्य के लिए कुछ सलाह भी दी हैं। महापौर धर्मेन्द्र गहलोत ने मंगलवार को नोटशीट में आयुक्त चिन्मयी गोपाल से सवाल किया है कि साढ़े तीन महीने में दो बार साधारण सभा बुलाए जाने के लिए यूओ नोट भेजे गए। इसके बाद भी यह नहीं बताया गया कि अधिकांश विभागों के प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए हैं। ऐसे में आयुक्त का कार्य केवल डाकिए का नहीं है, महापौर के बताए कार्यों को तत्काल सम्पादित कराने का भी है। उन्होंने पूछा है कि अभी तक जो भी प्रस्ताव मांगे हैं, उनको महापौर के समक्षस प्रस्तुत करने में आयुक्त क्यों असहज महसूस कर रही हैं। यह क्या हिडन एजेंडा है, जिसे महापौर के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है?
परिवीक्षा काल में ही यह हाल
महापौर ने आयुक्त को सलाह देते हुए लिखा है कि यह आपका परिवीक्षा काल है। कामना करता हूं कि ईश्वर आपको सफलता की ऊंचाइयां प्रदान करें। लेकिन इसके लिए आपको सद्भाविक प्रयास करने होंगे, नियमों के अनुरूप चलना होगा, सहयोगियों को डरा कर नहीं, टीम भावना से उनसे काम करवाना होगा। महापौर होने के नाते और आप मेरे अधीनस्थ होने के नाते यह सलाह दे रहा हूं , क्योंकि आप महापौर के निर्देश, अधिनियम की भावना के अनुरूप साधारण सभा बुलाने जैसा काम नहीं कर पा रही हैं। अभी यह हाल है तो भविष्य में बड़ा उत्तरदायित्व मिलने पर सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन को कैसे अंजाम देंगी?
इनका कहना है
सरकार की मंशा के अनुरूप 15 फरवरी से पूर्व बजट की साधारण सभा बुलाई जानी है। इसके चलते टाइम बाउंड कार्यक्रम तय किया गया है। 30 जनवरी तक एजेंडा मांगा गया है।
-धर्मेन्द्र गहलोत, महापौर