पैसे बचाने के लिए ले रहे है रिस्क
अजमेर.
आनासागर बारहदरी पर टिकिट लगाए एक महीने से ज्यादा समय हो चुका है। पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने गत 1 मई से प्रवेश पर टिकिट लगाया था। लेकिन समय के साथ लोगों ने फ्री में बारहदरी की सैर करने
का तरीका भी निकाल लिया है। लोग फ्री में बारहदरी घूम रहे है। हालांकि इसके लिए उन्हें अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने 1 मई को आनासागर बारहदरी पर प्रवेश के लिए 25 रुपए का टिशिनिवार को भी एक छोटी बच्ची द्वार के एक ओर खाई है। प्रवेशकट लगाया था। इसके लिए रामप्रसाद घाट के पास स्थित प्रवेश द्वार पर टिकिट काउण्डर लगाया। जबकि बजरंगगढ़ की ओर स्थित प्रवेश द्वार को बंद कर दिया। गेट पर कांटों की बाड़ भी लगा दी। इसके चलते यहां से प्रतिदिन कई लोग गेट को फांदकर अंदर प्रवेश कर रहे है। क्योंकि टिकिट प्रवेश के समय ही चैक की जाती है। इसलिए वे जाते समय आराम से दूसरी ओर से निकल जाते है।
जान का जोखिम
बजरंगगढ़ के पास स्थित प्रवेश करने के दौरान लोग खाई की ओर से बारहदरी पर जाते है। अगर जरा सी भी चूक हो तो व्यक्ति सीधा खाई में गिर सकता है। कई लोग गेट के ऊपर से भी कूदकर बारहदरी में प्रवेश करते है। गेट पर नुकीले सरिए लगे है। यहां जरा सी चूक होते ही जान पर बन सकती है।
अब तक साढे 12 लाख का राजस्व
बारहदरी पर औसतन करीब 15 सौ लोग आते है। 31 मई तक करीब 45 हजार टिकिट बिक गए। यदि जून के आठ दिन भी जोड़े जाए तो यह आंकड़ा 50 हजार तक पहुंच गया है। इससे पुरातत्व विभाग को राजस्व की प्राप्ति हो रही है।
दीवार टूटी हादसे की आशंका
बारहदरी पर भले ही सैकड़ों लोग पहुंच रहे हो। लेकिन विभाग की ओर से बीते लम्बे समय से टूटी एक दीवार को अब तक ठीक नहीं कराया गया है। जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। इससे व्यक्ति सीधा आनासागर में जशनिवार को भी एक छोटी बच्ची द्वार के एक ओर खाई है। प्रवेशाकर गिर सकता है। दीवार के पास तार लगाए है। लेकिन धूम में यह तार शायद की किसी को दिखे। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। शनिवार को भी एक छोटी बच्ची तारों के पास पहुंच गई। हालांकि समय रहते उसके अभिभावकों ने उसका हाथ पकड़ लिया। इससे हादसा नहीं हुआ। बारहदरी पर लोगों के लिए बनाए चार शौचालय भी क्षतिग्रस्त है। इससे लोगों को काफी दिक्कते हो रही है। खास तौर पर महिलाएं काफी परेशान है।