
आना सागर झील। फाइल फोटो- पत्रिका
अजमेर। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों से अजमेर को जलभराव में बड़ी राहत मिलने जा रही हैं। सिंचाई विभाग ने वरूण सागर में 31 करोड़ और आनासागर में 10 करोड़ की लागत से डिसिल्टिंग कार्य तय किया है। जल्द ही यह काम शुरू होंगे। जलभराव की गंभीर समस्या से आमजन को राहत प्रदान करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों से वरूण सागर और ऐतिहासिक आनासागर झील में डिसिल्टिंग कार्य की बड़ी स्वीकृति मिल गई है।
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दोनों प्रमुख झीलों की भराव क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की ओर से बड़ी वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। अजमेर में इस महत्वपूर्ण परियोजना के अंतर्गत वरूण सागर के लिए 31 करोड़ रुपए एवं आनासागर झील में पहले फेज के कार्यों के लिए दस करोड़ रुपए की मंजूरी प्रदान की गई है। स्वीकृति मिलने के बाद दोनों झीलों से व्यापक स्तर पर मिट्टी निकाली जाएगी तथा इसके परिणामस्वरूप झीलें गहरी होंगी एवं इनकी जलभराव क्षमता में भारी वृद्धि होगी।
वरूण सागर के चारों तरफ विशेष अभियान चलाकर गहराई बढ़ाई जाएगी और इस पूरे कार्य में 31 करोड़ रुपए की भारी राशि खर्च होगी। झील की क्षमता बढ़ जाने के कारण आसपास के क्षेत्रों में बारिश के दिनों में होने वाली जलभराव की समस्या का स्थाई रूप से समाधान हो सकेगा। आनासागर झील में पहले फेज में दस करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है और इसके अंतर्गत रीजनल चौपाटी, सेवन वंडर्स तथा आसपास के क्षेत्रों में मिट्टी खुदाई का कार्य प्रमुखता से होगा। यहां भी मिट्टी निकलने से झील काफी गहरी होगी तथा पानी के भराव की क्षमता पहले से कहीं अधिक बढ़ जाएगी एवं शहरवासियों को राहत मिलेगी।
वरूण सागर के सौन्दर्यीकरण के लिए भी लगातार सार्थक प्रयास चल रहे हैं ताकि इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। सौन्दर्यीकरण योजना के अंतर्गत झील के किनारे भगवान झूलेलाल की मूर्ति स्थापित की जाएगी और आकर्षक धार का निर्माण भी किया जाएगा। सिंचाई विभाग इन दोनों महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ कराएगा एवं इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया जारी की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही शीघ्र काम शुरू कर दिया जाएगा तथा शहर के समग्र विकास एवं सौन्दर्यीकरण के कार्यों को नई गति मिलेगी।
Updated on:
14 Jun 2026 09:16 pm
Published on:
14 Jun 2026 09:16 pm
