30 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan: ज्योति मिर्धा बोलीं- ‘गिद्ध टाइप की राजनीति करते हैं हनुमान बेनीवाल, बंद कमरे में नेताओं के छूते हैं पैर’

Rajasthan Politics: अजमेर में भाजपा की चुनावी बैठक के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा ने आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बेनीवाल की राजनीति को 'गिद्ध टाइप' बताते हुए उन पर नकारात्मक माहौल भुनाने और बंद कमरों में नेताओं के पैर छूने के आरोप लगाए।
2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Kamal Mishra

Jul 30, 2026

Jyoti Mirdha and Hanuman Beniwal

Ajmer: ज्योति मिर्धा और हनुमान बेनीवाल (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

अजमेर। राजस्थान में नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के बीच भाजपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अजमेर में भाजपा की चुनाव संचालन समिति की बैठक के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा ने आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बेनीवाल नकारात्मक माहौल को राजनीतिक अवसर में बदलने की कोशिश करते हैं और उनकी राजनीति केवल विवादों के सहारे आगे बढ़ती है।

भाजपा संभाग कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. मिर्धा ने कहा कि हनुमान बेनीवाल का राजनीतिक तरीका अलग है। उन्होंने कहा कि जहां भी असंतोष या नकारात्मक माहौल दिखाई देता है, वहां उसे और बढ़ाने की कोशिश की जाती है। मिर्धा ने यह भी आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंचों पर बड़े-बड़े दावे करने वाले बेनीवाल जरूरत पड़ने पर बंद कमरों में नेताओं के पैर छूते हैं और कभी इस सरकार तो कभी दूसरी सरकार में शामिल होने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि वह बेनीवाल के बयानों को गंभीरता से नहीं लेतीं।

गांवों में भ्रम फैलाने का लगाया आरोप

डॉ. मिर्धा ने कहा कि बेनीवाल की राजनीति का उद्देश्य गांवों में लोगों को बरगलाकर राजनीतिक लाभ लेना है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से नाराज या बागी नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश भी इसी रणनीति का हिस्सा है। हालांकि उनका दावा था कि अब जनता इस राजनीतिक शैली को समझ चुकी है और इसका असर पहले जैसा नहीं रहा।

नागौर में भाजपा की स्थिति मजबूत होने का दावा

भाजपा नेता ने कहा कि नागौर जिले में पार्टी पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि जिले की पांच विधानसभा सीटों में से चार पर भाजपा के विधायक हैं। उनके अनुसार, जिन इलाकों को कभी आरएलपी का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां भी अब पार्टी का प्रभाव घटा है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस की स्थिति को भी कमजोर बताते हुए दावा किया कि इसका सीधा लाभ भाजपा को आगामी स्थानीय चुनावों में मिलेगा।

चुनावी रणनीति पर हुआ मंथन

नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों को लेकर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं अजमेर संभाग प्रभारी अशोक परनामी ने की। बैठक में अजमेर संभाग के विभिन्न जिलों के विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व सांसद, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, प्रधान, जिला प्रमुख और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया। चुनावी रणनीति, संगठन की तैयारियों और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

विकास कार्यों और रोजगार को बनाया चुनावी मुद्दा

अशोक परनामी ने कहा कि भाजपा आगामी चुनावों में केंद्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों को जनता के बीच प्रमुखता से रखेगी। उन्होंने कहा कि भजनलाल शर्मा सरकार ने यमुना जल समझौते को आगे बढ़ाने, ईआरसीपी परियोजना पर काम तेज करने और किसानों को कई जिलों में दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया और दोषियों को जेल भेजा गया।
परनामी ने बताया किसको मिलेगा टिकट

उन्होंने कहा कि सरकार अब तक 1.37 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है, जबकि 85 हजार भर्तियां प्रक्रिया में हैं। परनामी ने यह भी कहा कि राजस्थान में 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' लागू करने की दिशा में तैयारी की जा रही है और टिकट उन्हीं कार्यकर्ताओं को मिलेगा जो संगठन के प्रति समर्पित होने के साथ चुनाव जीतने की क्षमता रखते हों।