ajmer-amazing-ramleela : प्रदेश में कई जगह रावण दहन की अलग-अलग परम्पराएं हैं। अजमेर में भी अशोक नगर भट्टा क्षेत्र में रावण दहन के दौरान होने वाली बाल रामलीला में कई हास्याप्रद दृश्य देखने को मिलते हैं। यहां कई बार तो रावण टल्ली होकर मैदान में पहुंचा है। इसके अलावा भी कई दृश्य देखकर लोग हंस-हंस कर लौटपोट हुए बिना नहीं रहते।
अजमेर. शहर के अशोक नगर भट्टा में प्रतिवर्ष विजयदशमी पर विशेष तरीके से रावण (ravan) दहन होता है। यहां बाल रामायण मंडल के तत्वावधान में रामायण मंचन किया जाता है। इस दौरान बैंड-बाजे के साथ वानर सेना और अन्य कलाकार लोडिंग टेम्पो में सवार होकर आयोजन स्थल पर पहुंचते हैं। रावण टल्ली होकर घोड़े पर सवार होकर पहुंचता है। लक्ष्मण के मुर्छित होने पर हनुमानजी संजीवनी की जगह पेड़ों की डालियां और पत्तियों से निर्मित गुलदस्ता लेकर आते हैं। कुंभकर्ण को जब नींद से जगाया जाता है तो कुंभकरण द्वारा मटके फोडऩे जैसे दृश्य भी हास्यप्रद रहते हैं। सीता का पात्र भी नवयुवक ही निभाते हैं। मजे की बात यह है कि इस दौरान हिंदी फिल्मों के गीत भी गूंजते हैं। लोग घरों की छतों, सडक़ और चबूतरों पर बैठ कर इस रामायण को देखते हैं। खास बात यह भी है कि प्रतिवर्ष रावण के पुतले को एक विशेष थीम बनाकर तैयार किया जाता है।
रावण के पुतले को पहनाया रेनकोट
पटेल मैदान में दशहरा महोत्सव के तहत मंगलवार को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा। पुतलों का दहन मंगलवार शाम 6.30 बजे होगा। इसमें रावण का पुतला 65, कुंभकर्ण और मेघनाद के 45-45 फीट के पुतलों का दहन किया जाएगा। पुतलों को बारिश और ओस से बचाने के लिए पॉलीथिन से कुछ हिस्से को ढका गया है।
नगर निगम के दशहरा महोत्सव के मेला अधिकारी गजेन्द्र सिंह रलावता ने बताया कि अग्रवाल पंचायत घसेटी बड़ा धड़ा की ओर से घसेटी बाजार स्थित रघुनाथ मंदिर से पटेल मैदान पहुंचने वाली भगवान राम की सवारी का स्वागत किया जाएगा। रावण का पुतला पलक झपकाएगा, तलवार चलाएगा, आंखे टिमटिमाएगा और मुंह से अंगारे बरसाएगा। इस दौरान आकर्षक आतिशबाजी भी की जाएगी। पटेल मैदान में आमजन की सुविधा के लिए 3 प्रोजेक्टर की व्यवस्था की गई है। शहरवासियों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।