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अजमेर.
हम अक्सर अपनी व्यस्तता का हवाला देकर कहीं आने-जाने से कतराते हैं। बड़ी जिम्मेदवारी वाला काम हो तो उससे बचने की कोशिश करते हैं। लेकिन दिल में किसी की सेवा की ख्वाहिश हो तो व्यस्तता, जाति-धर्म और दूरियां आड़े नहीं आती। इधर कायड़ विश्राम स्थली, दरगाह बाजार और आसपास के इलाकों में जायरीन की आवक बढ़ रही है। जायरीन ख्वाजा का दामन नहीं छोड़ेंगे..., गरीब नवाज...कहते हुए चादर चढ़ाने और जियारत में व्यस्त हैं।
पश्चिम बंगाल से आए ख्वाजा गरीब नवाज हेल्थ केयर एन्ड वेलफेयर सोसायटी के टीम ने इस फलसफे को अपनाया हुआ है। सोसायटी की टीम में डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी अफसर, व्यापारी और छात्र शामिल हैं। यह टीम कायड़ विश्राम स्थली और दरगाह क्षेत्र में यादगार के पास जायरीन के स्वास्थ्य को संभाले हुए है।
डॉ. अकबर अली ने बताया कि सोसायटी का हावड़ा में मुख्य कार्यालय है। सचिव बदरुजमां अंसारी के साथ डॉ. रजब अली, डॉ. मुक्तदा, डॉ. लकी, डॉ. नसीब अंसारी सहित अन्य लोगों की टीम ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की उर्स में आई है। गरीब नवाज के उर्स में आने वाले जायरीन की नि:शुल्क सेवा करना उनका एकमात्र मकसद है। यहां शुगर टेस्ट, ब्लड प्रेशर चेकअप, श्वास रोगियों के लिए नेबुलाइजर की व्यवस्था की गई है। जायरीन के लिए खांसी, सर्दी-जुखाम, बुखार, पेट दर्द जैसी बीमारियां की दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।