
हिमांशु धवल
अजमेर. जिले में जलदाय विभाग की ओर से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 48 से 72 घंटों में जलापूर्ति की जा रही है। ऐसे में सर्दियों में यह हाल है तो गर्मियों में तो स्थिति बिगडऩा तय है। गर्मी में पानी की मांग और खपत बढ़ जाती है। हालांकि जलदाय विभाग बीसलपुर में पर्याप्त मात्रा में पानी होने का दावा कर रहा है।
जिले में बीसलपुर बांध से जलापूर्ति होती है। जलदाय विभाग का दावा है कि शहरी क्षेत्र में 48 घंटे में और ग्रामीण क्षेत्रों में 72 घंटे में जलापूर्ति हो रही है। वर्तमान में एक घंटे पानी की आपूर्ति हो रही है। सर्दी होने के कारण घरों में पानी की खपत भी कम है और पानी का प्रेशर भी अच्छा आ रहा है। इसके कारण अभी तक पानी की किल्लत नहीं है। आगामी दिनों में गर्मी शुरू होने वाली है। ऐसे में पानी की खपत बढऩा तय है। गर्मी में मांग बढऩे पर घरों में पानी की मोटर लगाई जाएगी। ऐसे में पानी का प्रेशर कम आना और अंतिम छोर तक पानी पहुंचने में परेशानी होगी। जलदाय विभाग का सप्लाई का तंत्र सृदृढ़ नहीं है। इससे भी असुविधा हो सकती है। सर्वाधिक स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में खराब होगी। इसके बावजूद जलदाय विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
जलापूर्ति के तय मानक
- 155 एलपीसीडी सीवरेज वाले शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति
- 100 एलपीसीडी जहां पर सीवरेज नहीं है
- 40 एलपीसीडी ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति का दावा
होनी चाहिए वैकल्पिक व्यवस्था
बीसलपुर से पानी अजमेर के माखूपुरा स्थित एसआर 7 टैंक पर पहुंचता है। यहां पर भी एक दिन का पानी स्टोरेज हो सकता है। यही से पूरे शहर में जलापूर्ति होती है। ऐसे में यदि कहीं पर पाइप लाइन टूट जाए तो सप्लाई की कोई व्यवस्था नहीं है। आदर्शनगर पेट्रोल पंप के पास पाइप लाइन टूट गई थी, जबकि एसआर 7 टैंक पूरा भरा हुआ था। पाइप लाइन के दुरुस्त होने पर ही जलापूर्ति संभव हो सकी। ऐसे में जलापूर्ति मुख्य पाइप लाइन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए।
20-25 साल पुरानी है पाइप लाइन
जलदाय विभाग की शहर में बिछी मुख्य पाइप लाइन सीमेंट की बिछी हुई है। जानकारों की मानें तो यह पाइप लाइन 20-25 साल पुरानी है। इसके बाद बिछाई गई पाइप लाइन स्टील की है। ऐसे में एसआर-7 से आ रही पाइप लाइन को बदला जाना बहुत आवश्यक है।
इनका कहना है...
पिछले साल बीसलपुर में पानी की कमी के कारण परेशानी हुई थी। इस बार बांध में पर्याप्त मात्रा में पानी है। ऐसे में गर्मी में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए।
- सी. एल. जाटव, एसई जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग