विधानसभा चुनाव के दौरान नहीं हुआ काम, फिर भी सभी 33 कलक्टर को ए प्लस ग्रेड...
- दिलीप शर्मा
अजमेर।
विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान पूरे प्रदेश भर में सरकारी कामकाज ठप था। सिर्फ चुनाव से संबंधित काम हो रहे थे। ऐसे में राजस्व मंडल (Revenue Department) ने अपने एक फरमान से सभी 33 जिला कलक्टर को राजस्व के मामले में शत-प्रतिशत अंक देकर पास कर दिया। राजस्व मंडल ने हाल ही में वर्ष 2018 के अक्टूबर से दिसम्बर माह की रेटिंग जारी की है। इस रेटिंग में राजस्व प्रकरणों के निस्तारण के आधार पर प्रदेश के सभी 33 जिलों के कलक्टर्स को ए प्लस ग्रेडिंग दी गई है।
काम नहीं फिर भी दिए बढिय़ा नम्बर
राजस्व मंडल ने राजस्व प्रकरणों के निस्तारण के लिए परंपरा बना रखी है। इसमें कामकाज के निस्तारण के प्रतिशत के आधार पर रेटिंग की जाती है। राजस्व मंडल अध्यक्ष के निर्देशानुसार भी कलक्टर को ए-प्लस देने का फैसला किया। इस आदेश में मंडल खुद भी यह मान रहा है कि 2018 के आखिरी तीन माह में विधानसभा चुनाव के चलते कोई कार्य नहीं हुआ। ऐसे में सभी को समान अंक दिए हैं।
ग्रेडिंग में भी भेदभाव
मंडल प्रशासन ने ग्रेडिंग देने में भी भेदभाव किया है। कलक्टर्स को चुनाव की छूट के बाद ए-प्लस ग्रेडिंग दी गई है जबकि अधीनस्थ राजस्व अपील अधिकारी की अदालतों को ए ग्रेड दी गई है। यह है मानदंड शत प्रतिशत निस्तारण पर ए प्लस, 90 से 100त्न निस्तारण ए, 80 से 90त्न बी प्लस, 60 से 80त्न तक बी व 60त्न से कम होने सी ग्रेड दी जाती है।
दूसरी तस्वीर: 60 हजार मामले लंबित
एक ओर राजस्व मंडल जिले के सभी कलक्टर को राजस्व प्रकरणों के निस्तारण के लिए ए प्लस ग्रेडिंग दी गई है जबकि डिजिटलाइजेशन करने तहसील मुख्यालयों में आधुनिक रिकॉर्ड रूम बनाने, ऑनलाइन मुकदमों की सूची व पक्षकारों को जानकारी देने जैसे कई हाइटेक प्रयोग करने के बाद स्वयं मंडल में 60 हजार से अधिक प्रकरण लंबित हैं लेकिन कलक्टर को निस्तारण के लिए ए-प्लस ग्रेड दी है।
- विधानसभा चुनाव में ड्यूटी के कारण नियमों में शिथिलता बरतते हुए लक्ष्य में शत-प्रतिशत छूट देने के निर्देशों के बाद ग्रेंडिंग जारी की गई है।
सुरेश सिंधी, उपनिबंधक राजस्व मंडल अजमेर