
अजमेर.
ब्यावर-जवाजा क्षेत्र में भालू के हमला करने से मंडल उप वन संरक्षक सुदीप कौर और वनकर्मी घायल हो गए। उप वन संरक्षक को तत्काल उपचार के लिए अजमेर लाया गया। यहां निजी अस्पताल में उनके हाथ का ऑपरेशन किया गया।
ब्यावर-जवाजा क्षेत्र में भालू की मौजूदगी की सूचना पर जयपुर से वन विभाग की विशेष टीम ट्रेंकूलाइजर गन लेकर उसे पकडऩे गई थी। टीम के साथ उप वन संरक्षक सुदीप कौर भी साथ थीं। भालू ने ट्रेंकूलाइज करते वक्त अचानक वन विभाग टीम पर हमला कर दिया। भालू स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्र के जानवरों पर पहले ही हमले कर चुका था।
कौर का हाथ चोटिल
भालू ने उप वन मंडल संरक्षक सुदीप कौर के हाथ पर पंजे से हमला कर दिया। इससे उनके हाथ जख्मी हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद वे तत्काल अजमेर पहुंची। यहां निजी अस्पताल में उनके हाथ का माइनर ऑपरेशन किया गया। कौर के पति और जिला कलक्टर विश्व मोहन शर्मा भी तत्काल अस्पताल पहुंचे।
जनवरी में पकड़ी थी मादा पैंथर
इसी साल जनवरी में वन विभाग ने पदमपुरा गांव के निकट मादा पैंथर पकड़ा था। पैंथर शिकारियों द्वारा लगाए गए लोहे के पंजे में फंस गई थी। उप वन संरक्षक सुदीप कौर के नेतृत्व में जयपुर से आई टीम ने ट्रेंक्यूलाइज कर इसे पकड़ा था। बाद में उपचार के लिए इसे घूघरा घाटी स्थित वन विभाग की पौधशाला लाया गया था।
कृषि उपज मंडी में धधकी बारदाना की दुकानें
अजमेर. ब्यावर रोड कृषि उपज मंडी में रविवार सुबह बारदाना की दुकानें धधक उठी। आग पर काबू पाने के लिए नगर निगम की 10 से ज्यादा दमकलकर्मियों और सिविल डिफेंस टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 8 से ज्यादा दुकानों में लगी आग से 80 लाख रुपए की बोरियां-कट्टे और बारदाना जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक तौर पर आगजनी शॉर्ट सर्किट से होना सामने आई।
ब्यावर रोड कृषि उपज मंडी में गेहूं की दुकानें और गोदाम हैं। यहां गेहूं की बोरियां, जूट का बारदाना, प्लास्टिक के कट्टे रखे हैं। रविवार सुबह 6.30 बजे पल्लेदारों और व्यापारियों को अचानक दुकानों में आग और धुआं उठता दिखा। आग नेकरीब आठ-नौ दुकानों को चपेट में ले लिया। आसपास के दुकानदारा और पल्लेदार बचाव मे जुटे, लेकिन आग की तेज लपटों के चलते प्रयास सफल नहीं हुए।