अजमेर

Arrest: पुलिस के हत्थे चढ़े बीसी संचालक परिवार के मैंबर

करोड़ों रुपए लेकर डेढ़ साल से फरार थे आरोपी। पुलिस को थी आरोपियों की तलाश।
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Updated: 31 Aug 2020, 7:35 AM IST
BC owner arrest
BC owner arrest

अजमेर.

मोटे ब्याज का लालच देकर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाला बीसी संचालक के परिवार के सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गए। अलवर गेट थाना पुलिस ने रविवार को डेढ़ साल से फरार पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह विभिन्न स्थानों पर फरारी काट रहे थे।

अलवर गेट थाना प्रभारी सुनीता गुर्जर ने बताया कि चैतन्य मार्ग नगरा निवासी गुप्ता परिवार बीसी/एफडी संचालन करता था। इन्होंने लोगों को आकर्षक ब्याज का झांसा देकर बीसी, एफडी के नाम पर करोड़ों रुपए जमा कर लिए। परिवार का मुखिया पूर्व में पकड़ा जा चुका है।

करोड़ों रुपए लेकर फरार
करीब डेढ़ साल पहले गुप्ता परिवार हजारों लोगों के निवेश किए करोडों रुपए समेटकर फरार हो गया। इसमें ढाई से तीन हजार पीडि़त शामिल थे। इन्होंने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज कराए था। पुलिस अधीक्षक ने स्पेशल टीम का गठन किया। टीम ने कई जगह दबिश भी दी। लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला।

गुजरात और जयपुर से गिरफ्तार
पुलिस ने देशभर में आरोपियों की तलाश जारी रखी। मुखबिर की सूचना और कॉल डिटेल के आधार पर इन्हें गुजरात के वलसाड और जयपुर से गिरफ्तार किया गया। इनमें विजय और विकास गुप्ता पुत्र प्रमोद गुप्ता, सपना किरण और गीता गुप्ता शामिल हैं। यह चैतन्य मार्ग नगरा निवासी हैं। पुलिस टीम में एसआई दातारसिंह, हैड कांस्टेबल बनवारी लाल, शिव कुमार, कांस्टेबल जगदीश, सुधीर कुमार, बाबूलाल और मुरारीलाल शामिल हैं।

शहर में चल रहीं कई बीसी
शहर में धड़ल्ले से बीसी का कारोबार जारी है। इसमें ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर, घरेलू कार्य, अद्र्ध कुशल और विभिन्न व्यवसाय में कार्यरत लोग अपनी गाढ़ी कमाई जमा कराते हैं। बीसी संचालक प्रतिमाह या दो-तीन महीने में बीसी खोलकर रकम देते हैं। यह एफडी और बीसी में ज्यादा ब्याजदर का लालच भी देते हैं। कई मामलों में बीसी संचालक और चिटफंड कम्पनियां लोगों का करोड़ों रुपए समेट कर फरार हो चुकी हैं।

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31 Aug 2020, 7:35 AM IST
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