अजमेर

बुरा हाल : भूखे रहकर खेलने को मजबूर, सौ रुपए में नहीं मिल रहा दो वक्त का भोजन

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Updated: 3 Sep 2018, 11:53 AM IST
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बुरा हाल : भूखे रहकर खेलने को मजबूर, सौ रुपए में नहीं मिल रहा दो वक्त का भोजन

अजमेर. स्कूली शिक्षा में खेलों को बढ़ावा देने के भले ही लाख दावे किए जा रहे हों मगर हकीकत कुछ और ही है। खिलाडिय़ों को भोजन के लिए मिलने वाला भत्ता च्ऊंट के मुंह में जीराज् की कहावत को चरितार्थ कर रहा है। भत्ता इतना कम है कि दो वक्त का भोजन भी नसीब नहीं हो रहा है। उधर, सस्ते खाने के लिए सडक़ किनारे स्थित ढाबों की दूरी इतनी की खिलाडिय़ों को ५ से ६ किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।

शहर में आयोजित जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में जिले के दूर-दराज के विद्यालयों से खिलाड़ी खेलने आए हैं। इनकी पीड़ा है कि भोजन के लिए जो भत्ता इन्हें दिया जा रहा है उससे दोनों समय भोजन करना मुश्किल है। सौ रुपए में दोनों समय का भोजन तलाशने के लिए खिलाड़ी कई किलोमीटर पैदल सफर कर रहे हैं। जहां सस्ता खाना है वहां भी भरपेट नहीं।

कहीं छोटी-छोटी चार बाटी और दाल तो कहां दो से चार चपाती मिल रही हैं। खिलाडिय़ों की मानें तो प्रति छात्र ७० से 100 रुपए खाने का भत्ता स्कूल की ओर से मिला है। मगर यह बहुत कम है। इससे पूर्व उद्घाटन समारोह में शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि पूर्व में भत्ता बहुत कम था जिसे बढ़ाया गया है। वहीं खिलाड़ी बता रहे हैं कि 100रुपए का भत्ता भी कम है। अजमेर जैसे शहर में दोनों समय 100 रुपए में भोजन नहीं मिल रहा है।


आयोजन स्थल के आस-पास नहीं अन्नपूर्णा रसोई राज्य सरकार की ओर से सस्ते भोजन के लिए अस्पताल, कुछ प्रमुख चौराहों पर अन्नपूर्णा रसोई घर के वाहन संचालित किए हैं मगर ये भी खिलाडिय़ों से कई किमी दूर हैं। अगर आयोजन स्थल के आस-पास इनकी मौजूदगी हो तो खिलाड़ी भरपेट भोजन भी कर सकते हैं।

जिला स्तरीय प्रतियोगिता के दौरान जो भत्ता दिया जा रहा है वह बहुत कम है, इसे बढ़ाना चाहिए ताकि खिलाडिय़ों को भरपेट भोजन मिल सके। सरकार को ध्यान देना चाहिए।

खेमराज, कबड्डी खिलाड़ी पटेल स्कूल ब्यावर

अजमेर जैसे शहर में 100 रुपए दोनों समय का भोजन कहीं नहीं मिल रहा है। छात्र कभी सुबह कचौरी खाकर खेल रहे हैं तो कहीं भूखे पेट खेलकर एक समय ही भोजन कर रहे हैं।

रविन्द्र सिंह, खिलाड़ी मसूदा

पूर्व में 50 रुपए भत्ता था, जिसे बढ़ाकर गत वर्ष 70 रुपए किया गया। इसी वर्ष शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने इसे बढ़ाकर 100 रुपए किया गया है। अगर फिर भी भत्ता कम है तो और बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। अजमेर में एक साथ करीब ढाई हजार बच्चे खेलने आए हुए हैं।

तेजपाल उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी, मा. प्रथम

कहां कितने खिलाड़ी (फैक्ट फाइल)

1260 छात्र कबड्डी (19 वर्ष) राउमावि वैशालीनगर
438 छात्रा कबड्डी (17 वर्ष) राजकीय विद्यालय लोहाखान

650 छात्र-छात्रा साफ्टबॉल राउमावि लोहागल
200 छात्र-छात्रा बैडमिंटन/टीटी राउप्रावि अलवरगेट

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