बदलते रहे जनप्रतिनिधि व अधिकारी, लेकिन नहीं बदला यहां का वक्त सालों से थमी है घंटाघर की सूइयां, नगर परिषद प्रशासन नहीं ले रहा सुध
ब्यावर. अजमेर जिले के ब्यावर स्थित नगरपरिषद के अधिकारी व जनप्रतिनिधि तो बदलते रहे हैं लेकिन नगर परिषद के घंटाघर का वक्त सालों से नहीं बदला है। घंटाघर में लगी घड़ी की सुईयां अटकी पड़ी है।
नगर परिषद की स्थापना के साथ ही भवन के ऊपर घंटाघर लगाया गया। इस घड़ी से शहरवासियों व बाहर से आने वाले लोगों को बिना घड़ी देखे ही टन-टन की आवाज सही समय का आभास करवा देती थी लेकिन सबको समय के लिए सजग करने वाली घड़ी ही सालों से बन्द पड़ी है लेकिन किसी भी शहर की सरकार ने इसकी सुध नहीं ली। इस दौरान दोनों ही प्रमुख दलों ने शहर की सरकार चलाई लेकिन सालों से बन्द पड़ी घड़ी की सुईयों को चलवा पाने में नाकाम रहे।
एक जमाना था जब घंटाघर से हर घंटे शहरवासी टन-टन की आवाज सुनकर अपनी घडिय़ों की सूइयां मिलाया करते थे। लेकिन करीब चालीस वर्षों से यह आवाज सुनाई नहीं देती। इस घंटाघर को बने सौ से भी Óयादा वर्ष हो गए हैं। बताया जाता है कि 1971 में यह आवाज सुनाई दी, उसके बाद बंद से पड़ी है। वर्ष 199& में नगर परिषद के प्रथम प्रशासक सुवालाल ने नई चाबी शमसुद्दीन लौहार से बनवाई और इसके बाद घड़ी फिर चालु हुई, लेकिन यह भी Óयादा दिन तक नहीं चल सकी।