सरकारी आवास में चल रही प्रचूनी की दुकान प्रताप कॉलोनी में जलदाय विभाग के आवास का मामला मकान निर्माण के समय छोड़े गए सेटबेक में टिनशेड लगाकर बना ली दुकान
सुनिल जैन
ब्यावर. शहर के प्रताप नगर में बने जलदाय विभाग के एक सरकारी आवास में किराए की दुकान संचालित हो रही है। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी का आलम यह है कि आवास में आगे की तरफ छोड़े गए सेटबेक में टिनशेड लगाकर इस दुकान का संचालन किया जा रहा है। इसके बावजूद जलदाय विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। बताया जाता है कि यह आवास जलदाय विभाग में कार्यरत सहायक सूर्यकान्त को आवंटन किया गया है। पत्रिका टीम जब आवास पर पहुंची वहां एक महिला मिली और उसने बताया कि यह आवास जलदाय विभाग का है और उन्होंने किराए पर लिया है। जब दुकान के बारे में पूछा तो उसका कहना रहा कि यह कोई दुकान नहीं है, ऐसे ही काउन्टर लगाकर बरनिया रखी हुई है। घर का सामान है जो जगह नहीं होने के कारण यहां रखा हुआ है। जबकि पत्रिका टीम जब यहां दुकान के पास कुछ देर रूकी तो ग्राहक आते और जाते भी देखे गए।
सात साल से कर रहे निवास
इस स बन्ध में कर्मचारी सूर्यकान्त से बात की तो उनका कहना रहा कि वर्ष २०१२ से वे यहां रह रहें है और दुकान के बारे में पूछने पर बताया कि बरसात से गेट वगैरह खराब नहीं हो, इसलिए जलदाय विभाग की ओर से टिनशेड लगाए गए है। उनका कहना रहा कि यहां कोई दुकान नहीं है और घर का सामान ही रखा गया है।
निर्माण भी अवैध
आवास के आगे और साइड में निर्माण के समय से ही सेटबेक छोड़ा गया, लेकिन यहां पर टिनशेड लगाकर आगे के सेट पर कब्जा कर दुकान का अवैध निर्माण कर लिया गया। इस पर न तो जलदाय विभाग के अधिकारियों ने ध्यान देना मुनासिब समझा है और न ही अवैध निर्माण होने पर नगरपरिषद की ओर से कोइ्र कार्रवाई की गई है।
इनका कहना है...
यह सही है कि जलदाय विभाग का प्रताप कॉलोनी में एक आवास है, जिसे कर्मचारी को रहने के लिए दिया गया है। वहां पर दुकान के संचालन की जानकारी नहीं। जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
एसडी गहलोत, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग ब्यावर