अजमेर

इस बात से परेशान युवक ने सरेआम पहले खुद पर डाला पेट्रोल फिर लगाई आग, इसके बाद जो हुआ उसे देखकर हर किसी का दिल दहल गया

क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र स्थित रातीडांग के ईदगाह क्षेत्र में रहने वाले युवक ने खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया।
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Jun 03, 2018
because of domestic dispute man try to suicide in ajmer
इस बात से परेशान युवक ने सरेआम पहले खुद पर डाला पेट्रोल फिर लगाई आग, इसके बाद जो हुआ उसे देखकर हर किसी का दिल दहल गया

अजमेर . क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र स्थित रातीडांग के ईदगाह क्षेत्र में रहने वाले युवक ने खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। उसे 70 प्रतिशत झुलसी ह़ुई अवस्था में नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जाती है। मसूदा का रहने वाला हाल रातीडांग ईदगाह निवासी सावरलाल माली घरेलू परेशानी को लेकर तनाव में था। उसकी घरवालों से कहा सुनी होती रहती थी। इसी विवाद के चलते सावरलाल ने शनिवार शाम अचानक आवेश में आ कर उसने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली। घटना की जानकारी उसके परिवार वालों ने क्रिश्चियनगंज थाने को दी। पुलिस की सूचना पर 108 एंबुलेंस से सावरलाल को झुलसी अवस्था में नेहरू चिकित्सालय की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया। पुलिस की इत्तला पर घायल के बयान प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के समक्ष भी दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


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अजमेर. हाथीदांत की मूर्ति तस्करी के मामले में गिरफ्तार पांच आरोपितों को एटीएस ने सिविल लाइंस थाना पुलिस के जरिए अदालत में पेश किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट संख्या तीन राजेश मीणा ने तीन आरोपितों को 5 जून तक पुलिस रिमांड पर व दो आरोपितों को जेल भेजने के आदेश दिए। इससे पहले सिविल लाइंस थाने पर एटीएस की पुलिस उपनिरीक्षक ममता शार्दूल के परिवाद पर आरोपितों को शुक्रवार देर रात वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया गया।

ये है मामला
एटीएस ने शुक्रवार देर रात जयपुर रोड स्थित एक होटल में दबिश दी। वहां बोगस ग्राहक बन कर पहुंची एटीएस टीम के सदस्यों ने आरोपितों से हाथीदांत से बनी मूर्ति खरीदने का सौदा किया। एक करोड़ की मूर्ति का सौदा 40 लाख रुपए में देना तय हुआ। सौदा करने के दौरान इशारा पाकर पहुंचे एटीएस अधिकारियों ने आरोपितों को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपित शेरू ने बताया कि उसने मूर्ति अजयपाल से ली। शेरू नसीराबाद रोड पर बैठा है। आरोपितों ने पूछताछ में नागमणि कुछआ, नीलम की मूर्तियों व कस्तूरी मृग के सींग से बने उत्पाद की खरीद-फरोख्त करना बताया। आरोपितों ने अजमेर में इससे पहले कब और किसे माल सप्लाई किया, इनके लिए ग्राहक कौन लाता था, पैसों की डीलिंग कहां हुई? इन सभी तथ्यों पर एटीएस पता लगाने में जुट गई है। आरोपित रामचंद्र की ओर से वकील अशोक सिंह रावत ने जमानत अर्जी दाखिल की। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी।

इन आरोपितों को जेल भेजा : अदालत ने देलवाड़ा रोड ब्यावर निवासी महेन्द्र सिंह चारण तथा नारीशाला रोड, अशोक नगर अजमेर निवासी रामचंद्र।
इन्हें सौंपा पुलिस रिमांड पर : भोजासर पीपरोली रोड कैलाश नगर सीकर निवासी भजन सिंह, श्रीमाधोपुर निवासी सूर्यकांत शर्मा, ऋषभ कॉलोनी मसूदा रोड निवासी शेरू सिंह उर्फ अजयपाल।


इन धाराओं में किया पेश

आरोपितों को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 44, 51 व 55 के तहत मामला दर्ज किया गया। साथ ही अधिनियम की अनुसूची 12 बी भी जोड़ा गया है। इसमें भारतीय हाथियों को वन्य जीव में शामिल किया गया है।
धारा 44 - संरक्षित जानवरों के अंग या अन्य कोई हिस्से को बिना लाईसेंस के बेचान या परिवहन के लिए उपयोग।

धारा 51 - जुर्माना या शास्तियां - अधिकतम 3 वर्ष तक का कारावास व 25 हजार रुपए तक जुर्माना या दोनों. दोबारा अपराध करने पर सात वर्ष तक कारावास.
धारा 55- प्रसंज्ञान लेने की स्थिति- के लिए केन्द्र की ओर से अधिकृत वन्य जीव संरक्षण के निदेशक या केन्द्र की ओर से अधिकृत अधिकारी, केन्द्रीय चिडिय़ाघर के सदस्य सचिव, या मुख्य वन संरक्षक या सक्षम अधिकारी की ओर से दर्ज परिवाद के बाद ही प्रसंज्ञान लिया जाएगा।

Published on:
03 Jun 2018 09:40 am