
अजमेर। राजस्थान में नगर निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर भजनलाल सरकार के मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शनिवार को बड़ा बयान दिया। अजमेर में झलकारी बाई स्मारक के पास बनने वाले कन्वेंशन सेंटर का शिलान्यास करने पहुंचे स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा कि अजमेर शहर के विकास में कोई कमी नहीं आएगी।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने झलकारी बाई स्मारक के पास बनने वाले कन्वेंशन सेंटर में 1400 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। 400 लोगों की क्षमता वाला दूसरा सेंटर भी यहां पर बनेगा। कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के अलाइमेंट को लेकर आ रही अड़चन को भी जल्द ही दूर किया जाएगा।
अजमेर में साइंस पार्क झलकारी बाई स्मारक क्षेत्र के निकट बनने वाले कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शनिवार को सुबह 11 बजे कन्वेंशन सेंटर शिलान्यास किया। इस दौरान केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी भी मौजूद रहे। अजमेर विकास प्राधिकरण को 3.2 हैक्टेयर जमीन आवंटित की है। इसमें 28 करोड़ रुपए की राशि अजमेर विकास प्राधिकरण एवं 6 करोड़ रुपए अन्य योजना के तहत खर्च होंगे।
इस मौके पर मंत्री खर्रा ने कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने जो भी निर्णय लिया है, उसके क्रियान्वयन का दायित्व राज्य निर्वाचन आयोग का है। पंचायत और निकाय चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग जो भी सहयोग की मांग करेगा, हमारी सरकार निर्वाचन आयोग को पूरा सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश का अध्ययन कर आगे की कार्यवाही करना राज्य निर्वाचन का काम है। सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा था कि प्रदेश में पंचायत-निकाय चुनाव और नहीं टाले जा सकते। कोर्ट ने चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय सीमा 31 जुलाई तक बढ़ते हुए दो टूक शब्दों में कहा था कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट न आने के कारण चुनाव लंबे समय तक नहीं टाले जा सकते। साथ ही शहरी निकायों के वार्ड परिसीमन व मतदाता सूची पुनरीक्षण के कार्य को अंतिम रूप देने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को 20 जून तक की समय सीमा दी। कोर्ट ने कहा था कि चेतावनी दी कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के कार्य में और देरी हुई तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी।