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अजमेर.
शहर और ग्रामीण इलाके में लगातार मादक पदार्थ की तस्करी, अवैध शराब का कारोबार बढ़ रहा है। जहां कच्ची बस्ती और ग्रामीण इलाके में तस्करी कर लाई गई हरियाणा निर्मित शराब की बिक्री बढ़ रही है, वहीं युवाओं में मादक पदार्थ में गांजे का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
बढ़ते नशे के कारोबार का अंदाजा इससे लगाया सकता है कि साल 2016 से लगातार जिला पुलिस की ओर से अवैध शराब की तस्करी के लिए आबकारी एक्ट और मादक पदार्थ पर अंकुश लगाने के लिए एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई में बढ़ोत्तरी हुई है। जानकारों के मुताबिक युवाओं में बीते कुछ साल में युवाओं में मादक पदार्थ के नशे का क्रेज से हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
--------बन गया ट्रांजिट पॉइंट-----
अजमेर मादक पदार्थ का ट्रांजिट पॉइंट बना हुआ है। यहां हरियाणा, पंजाब निर्मित शराब तस्करी कर लाई जाती है। खास बात है कि अब तस्करों ने अवैध शराब की पैकिंग बदलकर उसको राजस्थान मार्क की शराब बनाकर धड़ल्ले से बेच रहे हैं। हिमाचल प्रदेश से चरस, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से अफीम और गांजे की खेप अजमेर पहुंच रही है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि राजकीय रेलवे पुलिस मध्यप्रदेश से आने वाली मादक पदार्थ पर लगातार कार्रवाई कर रही है।
---------नशे में बढ़ रहा अपराध------
नशे के चलते अपराध में इजाफा हो रहा है। महंगे शौक व नशे की लत को पूरा करने के लिए युवा अपराध में कदम रख रहे है। क्रिश्चियनगंज थाने में पकड़ा गया वाहन चोर गिरोह, क्लॉक टावर थाने में विदेशी महिला से लूट के आरोपित, कैब चालक से लूट के आरोपितों ने भी नशे की तलब पूरी करने के लिए लूट, मोबाइल छीनने और दुपहिया व चौपहिया वाहन चोरी की वारदातें अंजाम देना कबूला था।
राजमार्ग पर बिक रहा मादक पदार्थ
शहर की कच्ची बस्तियों, खानाबदोशी की आड़ के अलावा जिले के ग्रामीण इलाके से गुजर रहे राजमार्गो पर भी धड़ल्ले से मादक पदार्थ की बिक्री हो रही है। पूर्व में पुलिस पड़ताल में सामने आया कि नसीराबाद से भीलवाड़ा के बीच कई होटल, रेस्टोरेंट पर चालकों को गांजा, डोडा पोस्त और अफीम का नशा परोसा जा रहा है।
आबकारी एक्ट में कार्रवाई
-2016 13 हजार 942017 14 हजार 1192018 13 हजार 908
एनडीपीएस एक्ट में दर्ज मामले
2016 985
2017 1285
2018 1332
(आंकड़े जिला पुलिस के सितम्बर 2018 तक के रिकॉर्ड के अनुसार)