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अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में भर्तियों की रफ्तार नहीं बढ़ रही। एक तरफ 20 पदों पर शिक्षकों की भर्ती होनी है। वहीं प्रशासनिक पदों की नियुक्तियां भी अटकी हुई हैं। स्थाई कुलपति की तैनाती के बाद ही भर्तियां होने की उम्मीद है।
विश्वविद्यालयय ने करीब दो वर्ष पूर्व 22 शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। इनमें विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला और अन्य संकाय के विषय शामिल हैं। जूलॉजी और बॉटनी विभाग में प्रोफेसर की नियुक्ति हो चुकी है। जबकि विषयवार/विभागवार 20 शिक्षकों की भर्ती और होनी है। दूसरी तरफ परीक्षा नियंत्रक, शोध निदेशक और अन्य अधिकारियों की नियुक्तियां भी अटकी हैं।
श्रीमाली चाहते थे नियुक्तियां
पूर्व कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली विश्वविद्यालय में भर्तियां करना चाहते थे। उन्होने गैर शैक्षिक पदों पर नियुक्तियों के लिए विज्ञापन मांगने, आवेदनों की छंटनी और पैनल बनाने जैसे कामकाज करा दिए थे। बीती जुलाई में उनके निधन के बाद प्रक्रिया ठप हो गई। उधर सुप्रीम कोर्ट में याचिका के चलते पूरे देश में शैक्षिक पदों की भर्तियां होना मुश्किल है।
स्थाई कुलपति का इंतजार
नियमानुसार विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति होने पर ही भर्तियां होती रही हैं। फिलहाल पौने दो महीने से यहां स्थाई कुलपति नहीं है। गोविंद गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा के कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी अतिरिक्त कामकाज संभाले हुए हैं। कुलपति सर्च कमेटी की बैठक जल्द होगी। स्थाई कुलपति नियुक्त होने के बाद ही भर्तियों की रफ्तार बढऩे की उम्मीद है।
इन विभागों में होगी भर्ती (विवि के अनुसार)
प्रोफेसर-इकोनॉमिक्स, प्योर एन्ड एप्लाइड केमिस्ट्री, रीडर-बॉटनी (2), इकोनॉमिक्स (1), भूगोल (1), इतिहास (2), गणित (1), राजनीति विज्ञान (2), प्योर एन्ड एप्लाइड केमिस्ट्री (1), समाजशास्त्र (1), जूलॉजी (2)लेक्चरर-कम्प्यूटर एप्लीकेशन (1), भूगोल (1), प्योर एन्ड एप्लाइड केमिस्ट्री (1), समाजशास्त्र (1), जूलॉजी (1)
वो चर्चित विवाद
साल 2007 में शिक्षकों की विवादास्पद भर्ती प्रक्रिया हुई थी भर्ती में आरक्षण का ध्यान नहीं रखने, देर रात तक साक्षात्कार कराने जैसी शिकायतों पर तत्कालीन राज्यपाल ए. आर. किदवई ने विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल की बैठक और लिफाफे खोलने पर रोक लगा दी। वर्ष 2009 में तत्कालीन राज्यपाल एस. के. सिंह ने भर्ती प्रक्रिया के तहत लिफाफे और पैनल निरस्त कर दिए।