अजमेर

Big Issue: इधर मोदी सरकार के चार साल, इधर लग गया रोजगार पर ब्रेक

डीलर्स के पास लाखों रुपए का स्टॉक गोदामों में पड़ा है। वहीं व्यापार का संकट पैदा हो गया है।

2 min read
May 27, 2018
e-rickshow registration
e-rickshow registration

अजमेर

प्रदेश में ई रिक्शा का रजिस्ट्रेशन बंद होने से रोजगार का संकट आ गया है। वहीं रजिस्ट्रेशन बंद होने को कारण ई-रिक्शा बिकना बंद हो गए। डीलर्स के पास लाखों रुपए का स्टॉक गोदामों में पड़ा है। वहीं व्यापार का संकट पैदा हो गया है। इससे कुछ डीलर्स के प्रतिष्ठान बंद हो गए, वहीं कई बंद होने के कगार पर पहुंच गए है।
परिवहन विभाग ने गत दिनों ई-रिक्शा व ई-कार्ट के चालकों को प्रशिक्षण नहीं देने के कारण इसका रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया। विभाग ने प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं होने तक डीलर्स का ट्रेड सटिफिकेट निलम्बित कर दिया।

प्रशिक्षण के तहत ई-रिक्शा के निर्माताओं अथवा पंजीकृत एसोसिएशन की ओर से ई-रिक्शा के चालकों को प्रशिक्षण दिया जाना था। इसके लिए विभाग ने पाठ्यक्रम भी तय किया था। इसके तहत रिक्शा चालकों को ड्राइविंग, ट्रैफिक, पार्किंग, व्हीकल मैनेजमेन्ट और रिपेयर के अंतर्गत विभिन्न बिन्दुओं के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाना था।

प्रशिक्षण में पब्लिक रिलेशन भी महत्वपूर्ण बिन्दू है। इसके तहत सवारियों से नम्रता से बात करने, सीनियर सिटीजन, महिलाओं और दिव्यांग का खास ख्याल रखने सहित बातें सिखाई जानी है। उधर रजिस्ट्रेशन बंद होने के बाद जयपुर में तो तीन प्रशिक्षण केन्द्र खुल गए। इसके बाद जयपुर में तो विभाग इससे रोक हटा दी, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में ई-रिक्शा चालकों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं होने के कारण रजिस्ट्रेशन बंद है।

अजमेर में है सैकड़ों ई-रिक्शा
अजमेर में 500 के करीब ई-रिक्शा है। चलाने में आसान और प्रदूषण रहित होने के कारण बीते कुछ सालों में शहर में यह रोजगार का सरल व सुलभ साधन बनकर उभरा है। वहीं एक से डेढ़ लाख रुपए में उपलब्ध होने के कारण यह लोगों में लोकप्रिय हो गया। डिजायन छोटा होने के कारण यह गलियों में आसानी से आ जाता है। दरगाह सहित शहर के अंदरूनी क्षेत्रों में यह आवागमन का प्रमुख साधन बन गया।

डीलर्स के लाखों रुपए अटके

ई-रिक्शा की बिक्री बंद होने के कारण डीलर्स की पूंजी अटक गई। कुछ की डीलरशिप बंद हो गई। तो खर्चों पर नियंत्रण के लिए कई डीलरों ने स्टाफ हटा दिया। वे अब जल्द रजिस्ट्रेशन शुरू होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ई-रिक्शा डीलर राजेश जादम के अनुसार रजिस्ट्रेशन बंद होने से गाडियां बिक नहीं रही है। स्टॉक एकत्र हो गया है। इसके चलते लाखों की पूंजी अटक गई है।
ई रिक्शा गरीबों के रोजगार का मुख्य साधन है। सरकार की नीतियों को जल्द पालन कराना चाहिए।

राजेश जादम, ई रिक्शा डीलर

ई-रिक्शा चालकों को ट्रेनिंग देने के लिए डीलर्स एसोसिएशन की ओर से स्थापित ई रिक्शा प्रशिक्षण प्रारंभ होने पर मुख्यालय की ओर से निर्देश दिए जाने पर पंजीयन प्रारंभ हो सकेगा।
खेम सिंह, जिला परिवहन अधिकारी

Updated on:
26 May 2018 08:36 am
Published on:
27 May 2018 06:32 am