अजमेर

भाजपा नेता अशोक शर्मा का हृदयाघात से निधन, दो बार लड़ा था विधानसभा चुनाव

पूर्व मंत्री बनवारीलाल शर्मा के सबसे बड़े पुत्र, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भी रहे , संवेदना व्यक्त करने पहुंचे पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, सांसद राजोरिया समेत भाजपा-कांग्रेस के कई नेता भाजपा नेता अशोक शर्मा का बुधवार तडक़े हृदयाघात से निधन हो गया। वे करीब 63 वर्ष के थे। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके शर्मा वर्ष 2008 में कांग्रेस और वर्ष 2018 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके थे। बुधवार सुबह करीब चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
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Updated: 4 Aug 2022, 8:21 AM IST
BJP RAJYASABHA ELECTION RAJASTHAN
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धौलपुर. भाजपा नेता अशोक शर्मा का बुधवार तडक़े हृदयाघात से निधन हो गया। वे करीब 63 वर्ष के थे। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके शर्मा वर्ष 2008 में कांग्रेस और वर्ष 2018 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके थे। बुधवार सुबह करीब चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। पूर्व मंत्री बनवारीलाल शर्मा के ज्येष्ठ पुत्र अशोक शर्मा ने 1984 में युवक कांग्रेस के अध्यक्ष पद से राजनीति में कदम रखा था। शर्मा के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद डॉ. मनोज राजोरिया, बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा, भाजपा प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा समेत बड़ी संख्या में राजनेता व आम लोग जगन भवन पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। शर्मा का दोपहर को चंबल स्थित मुक्तिधाम में दाह संस्कार किया गया।

राजाखेड़ा को बनाया कार्यस्थली

वर्ष 2018 तक शर्मा धौलपुर की राजनीति में ही सक्रिय रहे। 2018 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शर्मा कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। इस चुनाव में भाजपा ने उन्हें राजाखेड़ा से प्रत्याशी बनाया। इससे पहले वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में वे धौलपुर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे थे। हालांकि दोनों ही बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा में उन्हें पूर्व सीएम वसुंधरा राजे खेमे का माना जाता था।

संभाल रखी थी पिता की विरासत

शर्मा ने वर्ष 2008 से ही धौलपुर में अपने पिता बनवारीलाल शर्मा की विरासत संभाल रखी थी। उनके पिता 2013 के चुनाव और 2017 के उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे लेकिन, चुनाव की पूरी कमान अशोक शर्मा के ही हाथ में रही।

उमड़ा जनसैलाब

शर्मा का बुधवार दोपहर को चंबल स्थित मुक्ति धाम में अंतिम संस्कार किया गया। धौलपुर, राजाखेड़ा, बाड़ी आदि स्थानों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। लोगों की भीड़ के कारण इस दौरान नेशनल हाइवे 44 पर जाम की स्थिति बन गई।

Updated on:
4 Aug 2022, 8:21 AM IST
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