अजमेर लोकसभा सीट पर भाजपा ने वर्तमान सांसद भागीरथ चौधरी को फिर से मैदान में उतारा है, तो कांग्रेस ने इस बार 35 साल से अजमेर डेयरी चेयरमैन की सीट पर काबिज रामचंद्र चौधरी पर दांव खेला है। दोनों प्रत्याशी जाट समुदाय के होने से मुकाबला रोचक हो सकता है।
नागेश शर्मा
अजमेर लोकसभा सीट पर भाजपा ने वर्तमान सांसद भागीरथ चौधरी को फिर से मैदान में उतारा है, तो कांग्रेस ने इस बार 35 साल से अजमेर डेयरी चेयरमैन की सीट पर काबिज रामचंद्र चौधरी पर दांव खेला है। दोनों प्रत्याशी जाट समुदाय के होने से मुकाबला रोचक हो सकता है। भागीरथ ने पिछले चुनाव में कांग्रेस के रिजु झुंझुनवाला को 4 लाख वोट से पटखनी दी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव में उन्हें किशनगढ़ सीट पर हार मिली। हाल ही पुष्कर में हुई सभा के बाद मोदी मैजिक और विधानसभा में हार के बाद भागीरथ के प्रति सहानुभूति का उन्हें फायदा मिल सकता है। कांग्रेस प्रत्याशी रामचंद्र चौधरी ने भी अपनी चुनावी जमीन को अच्छी तरह से तैयार किया है। अजमेर की सियासी तासीर को जानने के लिए मैं नागौर से अजमेर पहुंचा। पुष्कर घाट पर लोगों से मिला तो मुद्दे कई गिनाए।
बुजुर्ग राधेश्याम पाराशर ने कहा कि उनकी राय में यहां मोदी फैक्टर और देश के राममयी होना काम करेगा। राकेश और सुरेन्द्र ने पुष्कर सरोवर में सीवरेज के गंदे पानी की आवक एवं होटलों में अंधाधुंध ट्यूबवेल खुदाई व पानी के दोहन पर चिंता व्यक्त की। अजमेर दक्षिण में चाय की थड़ी पर चर्चा कर रहे लोगों के बीच बैठ गया। थड़ी संचालक मनोज कुमार ने बताया कि अजमेर को पर्यटन के लिहाज से विकसित नहीं किया जा रहा है।
रामचंद्र को गुर्जरों का सपोर्ट, पायलट से अदावत भी
चर्चा में लोगों ने बताया कि रामचंद्र चौधरी दूध डेयरी के लंबे समय से चेयरमैन होने से गुर्जरों में पकड़ मानी जा रही है, लेकिन उनकी पायलट से अदावत से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पायलट की अजमेर के गुर्जर वोट बैंक पर खासी पकड़ मानी जाती है। हालांकि अब संबंधों में कितनी गरमाहट है इसका अंदाजा तो चुनावों के बाद नजर आएगा।
क्षेत्र के बड़े मुद्दे
सिंचाई के लिए चंबल का पानी मिले, जिससे किसान खेती को और बेहतर कर सकें।
सिरेमिक हब बने अजमेर, ताकि अजमेर भी देश-विदेश में जाना जाए। रोजगार के अवसर बढ़ें।
अजमेर मेडिसिटी बने जिससे लोगों को बेहतर ट्रीटमेंट मुहैया हो सके। इसके लिए चाचियावास में जमीन भी चिह्नित हो चुकी।
काशी उज्जैन और अयोध्या की तर्ज पर पुष्कर में कॉरिडोर का निर्माण कराया जाए।
छावनी परिषद से हटे आबादी...
नसीराबाद में गन्ने के ठेले पर अनिल लोहरे बोले, नगर पालिका परिसीमन की बड़ी समस्या है। छावनी परिषद होने से घरों के पट्टे तक नहीं बन रहे हैं। कोई हाउस लोन नहीं मिलता न कोई आवास योजना का लाभ मिल रहा है। यहां लोगों में विधायक रामस्वरूप लांबा का जन-जुड़ाव दिखा। किसानों का मन टटोलने के लिए किशनगढ़ में कृषि उपज मंडी परिसर पहुंचा तो काश्तकारों का दर्द छलक पड़ा। किसान छोटूलाल गुर्जर ने कहा, मंडी में पानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। मदनलाल, रामप्रकाश बोले, माहौल भाजपा के पक्ष में हो गया। यहां विधानसभा चुनाव में सुरेश टांक निर्दलीय उतरे थे और दूसरे नंबर पर रहे। टांक अब भाजपा में शामिल हो गए हैं।
विधानसभा का गणित
अजमेर लोकसभा सीट में आठ विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें दूदू, पुष्कर, अजमेर उत्तर, अजमेर दक्षिण, मसूदा, केकड़ी व नसीराबाद सातों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के विधायक हैं। इकलौती किशनगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस का विधायक है।