अजमेर

छात्र यौनशोषण व रैगिंग प्रकरण : दहशत में है पीडि़त छात्र का परिवार, पीडि़त ने कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने दिए कलमबंद बयान

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Updated: 7 Aug 2018, 7:20 AM IST
boy gave statement in front of magistrate about sexual harassment
छात्र यौनशोषण व रैगिंग प्रकरण : दहशत में है पीडि़त छात्र का परिवार, पीडि़त ने कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने दिए कलमबंद बयान

अजमेर. शहर के नामचीन कॉलेज (स्कूल) में छात्र के साथ यौनशोषण व रैगिंग मामले में सोमवार को पुलिस ने पीडि़त छात्र के न्यायिक मजिस्ट्रेट -5 के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज करवाए। बयान की प्रक्रिया देर शाम तक चलती रही। इस दौरान अनुसंधान अधिकारी समेत पीडि़त के परिजन कड़ी सुरक्षा में कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। बयान के बाद अनुसंधान अधिकारी पीडि़त छात्र को घटनास्थल लेकर पहुंचे, जहां पुलिस ने पीडि़त की नजर से सीन ऑफ क्राइम देखा। पीडि़त के रिश्तेदार के मुताबिक प्रकरण सामने आने के बाद से उनको धमकियां मिल रही हैं तथा लगातार दबाव बनाया जा रहा है जिससे परिवार दहशत में है। उत्तरप्रदेश पुलिस ने भी उन्हें सशस्त्र सुरक्षा गार्ड मुहैया करवा रखा है।

अनुसंधान अधिकारी गजेन्द्र सिंह सोमवार अपराह्न 4.30 बजे पीडि़त छात्र व उसके परिजन को कड़ी सुरक्षा में सेशन कोर्ट लेकर पहुंचे। जहां सीजेएम के आदेश पर न्यायिक मजिस्ट्रेट-5 के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करवाए गए। करीब दो घंटे तक चली बयान प्रक्रिया के दौरान पीडि़त छात्र और उसके एक संरक्षक की मौजूदगी में बयान दर्ज किए गए। करीब ढाई घंटे तक पीडि़त छात्र के बयान हुए।

घटनाक्रम से होगा मिलान
प्रकरण में अनुसंधान अधिकारी गजेन्द्र सिंह के अनुसार अब पीडि़त छात्र के कोर्ट में दर्ज बयान और पूर्व में दिए बयानों के साथ घटनास्थल व मेडिकल से मिलान किया जाएगा। अब तक अनुसंधान में शिक्षण संस्थान से सीसीटीवी फुटेज, डीवीआर जब्त करने के साथ, सहपाठी छात्रों, प्रबंधन के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अनुसंधान अधिकारी सिंह के मुताबिक प्रकरण में जरूरत पडऩे पर वार्डन व शिक्षकों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।


पीडि़त छात्र के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवाए है। कोर्ट में दिए गए बयान, एफआईआर और पूर्व में दिए के बयानों के साथ घटनाक्रम का मिलान किया जाएगा। प्रकरण में लिप्त बाल अपचारी शिक्षण संस्थान में मौजूद है। प्रकरण में अनुसंधान किया जा रहा है।

गजेन्द्र सिंह, अनुसंधान अधिकारी

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