प्रतिमाह 15 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अजमेर/मदनगंज-किशनगढ़।
केंद्र सरकार के एक सरकारी विभाग की लचर कार्यशैली दूसरे महकमों को नुकसान पहुंचा रही है। इसका खामियाजा ना केवल राज्य सरकार के महकमों बल्कि जनता को भी उठाना पड़ता है।
नगर के चिडिय़ा बावड़ी नर्सरी के पास नवनिर्मित रतनलाल कंवरलाल पाटनी केन्द्रीय बस स्टैण्ड की शुरुआत अगस्त 2017 में हुई। इसके बाद वहां से नियमित बसों की आवाजाही शुरू हो गई है। बस स्टैण्ड पर इंटरनेट कनेक्शन के लिए रोडवेज प्रशासन की ओर से सितम्बर 2017 में आवेदन कर डिमांड नोट जमा करा दिया है।
छह माह बाद गुजरने के बावजूद अभी तक इंटरनेट कनेक्शन नहीं हो सका है। इसके कारण रोडवेज को आर्थिक के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। सक्षम अधिकारी आज-कल में कनेक्शन देने की बात कहकर टालमटोल कर रहे हैं। इसका खामियाजा रोडवेज प्रशासन को उठाना पड़ रहा है।
15 लाख रुपए महीने का नुकसान
रोडवेज प्रशासन के अनुसार इंटरनेट कनेक्शन के अभाव में वॉल्वो सहित अन्य बसों की ऑनलाइन बुकिंग नहीं होने के कारण प्रतिमाह 15 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है।
यह काम है अटके
- ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग नहीं हो रही है।
- ऑनलाइन सीटों की नहीं मिलती जानकारी
- बसों की कनेक्टिविटी की नहीं मिलती जानकारी
- मासिक पास नहीं बन पा रहे हैं।
- 32 वॉल्वो बसों की बुकिंग नहीं हो पा रही है।
कई विभाग हैं एकदूसरे पर निर्भर
केंद्र और राज्य सरकार के सरकारी महकमे एकदूसरे पर निर्भर रहते हैं। खासतौर पर बिजली, पानी, टेलीफोन और रोडवेज, परिहवन विभाग इसमें खास है। इन महकमों से सरकार को सर्वाधिक राजस्व मिलता है। लेकिन यही सरकारी महकमे कामकाज की लेटलतीफी में सबसे आगे रहते हैं। आम जनता को भी इन विभागों से सर्वाधिक शिकायतें रहती हैं। रोडवेज की राज्य में वैसे ही आर्थिक स्थिति नाजुक है। उसे रोजाना लाखों रुपए की राजस्व हानि हो रही है। इसके बावजूद बीएसएनएल का इंटरनेट लाइन नहीं देना हैरान करता है।