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अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में कुलपति की गैर मौजूदगी से कामकाज चौपट हो रहा है। पिछले एक महीने से कई अहम कार्य-पत्रावलियां अटकी हैं। कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति को लेकर राजभवन कोई फैसला नहीं ले रहा है।
लक्ष्मीनारायण बैरवा की जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने बीती 11 अक्टूबर को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह को नोटिस जारी कर कामकाज पर रोक लगाई थी। तीन सुनवाई के बाद यह रोक 28 नवंबर तक जारी है। इधर स्थाई अथवा कार्यवाहक कुलपति नहीं होने से विश्वविद्यालय का कामकाज चरमरा गया है। कई वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्य अटक गए हैं।
राजभवन नहीं कर रहा फैसला
विधानसभा में संशोधित एक्ट के मुताबिक विश्वविद्यालय में 12 अक्टूबर से ही कुलपति का पद रिक्त है। संशोधित अधिनियम की धारा 9 (10) के तहत किसी विश्वविद्यालय के कुलपति पद की कोई स्थाई रिक्ति, मृत्यु, त्यागपत्र, हटाए जाने, निबंलन के कारण या अन्यथा होने पर राजभवन-सरकार को तत्काल वैकल्पिक इंतजाम करने जरूरी हैं। कुलपति प्रो. सिंह का मामला लगातार खिंचता जा रहा है। ऐसे में राजवन-सरकार पर अंगुलियां उठ रही हैं।
लंबित पड़े हैं कई मामले
-प्रो. अग्रवाल प्रकरण की आंतरिक जांच-शोधार्थियों का आवंटन
-रूसा के बजट की उपयोगिता
-अन्तर कॉलेज सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
-दीक्षान्त समारोह का आयोजन और उसकी तैयारियां
-विश्वविद्यालय के बजट/अनुदान पर फैसला
-अहम परीक्षात्मक और प्रशासनिक कार्य