ajmer news : अमरीका के वाशिंगटन डीसी में कार्यरत अजमेर निवासी योग आचार्य मोक्षराज के प्रयासों से अजमेर सेंट्रल जेल में बंद गुलपेट जिला कालोर कर्नाटक के ख्वाजा खान पुत्र अनवर खान को रिहा किया गया।
अजमेर. अमरीका के वाशिंगटन डीसी में कार्यरत अजमेर निवासी योग आचार्य मोक्षराज ने दीपावली पर्व और महर्षि दयानंद सरस्वती के निर्वाण दिवस पर ऐसे बंदियों को जो बहुत समय से जुर्माना अदा न करने के कारण जेल में बंद थे, छुड़ाने का संकल्प लिया। इसी संकल्प को साकार करने के लिए उन्होंने शनिवार को जुर्माना राशि जमा करा कर अजमेर जेल में बंद एक बंदी को रिहा करवाया। उनके प्रयासों से अजमेर सेंट्रल जेल में बंद गुलपेट जिला कालोर कर्नाटक के ख्वाजा खान पुत्र अनवर खान को रिहा किया गया। डॉ. मोक्षराज का कहना है कि भरतपुर जेल में तीन दिन से राशि जमा कराए जाने का प्रयास चल रहा है लेकिन फिलहाल राशि जमा नहीं हो पाई है। वहां से वे दो बंदियों को जुर्माना भर रिहा कराना चाहते हैं।
इस क़ानून के तहत कराया मुक्त
पेटी ऑफेंस के अंतर्गत क़ैद अपराधी जिनकी सजा तो पूरी हो जाती है किन्तु अत्यधिक गरीबी के कारण जुर्माना राशि बकाया रहती है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या जेल प्रशासन से सम्पर्क कर मुक्त कराया जा सकता है।
यहां से मिली प्रेरणा
डॉ. मोक्षराज ने यह नेक कार्य महान समाज सुधारक एवं आर्यसमाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन से प्रभावित होकर किया है। वे महर्षि दयानन्द सरस्वती एवं आर्य समाज के अनुयायी हैं। दीपावली के दिन ही महर्षि दयानंद सरस्वती का निर्वाण हुआ था। महर्षि दयानंद सरस्वती का अंतिम समय अजमेर में व्यतीत हुआ था। अजमेर के आगरा गेट के पास स्थित भिनाय राजा की कोठी में महर्षि दयानंद सरस्वती ने दीपावली की शाम को अंतिम सांस ली थी।