ब्यावर दुखांतिका के बाद जिला प्रशासन भी घरेलू गैस की अवैध रिफिलिंग पर सख्ती दिखाई है।
अजमेर. ब्यावर दुखांतिका के बाद जिला प्रशासन भी घरेलू गैस की अवैध रिफिलिंग पर सख्ती दिखाई है। अब वाहनों में एलपीजी रिफिलिंग करते पकड़े जाने पर वाहन मालिक पर अधिकतम वाहन की कीमत के बराबर और कम से कम पचास हजार का जुर्माना झेलना पड़ेगा।जिला कलक्टर आरती डोगरा ने वाहनों में एलपीजी की अवैध रिफिलिंग के मामले में सख्ती दिखाते हुए कम से कम 50 हजार रुपए का जुर्माना वसूलना तय किया है।
अब तक करीब 3 से 4 वाहन मालिक से 50 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूला जा चुका है। हालांकि पुराने व कम कीमत के वाहन मालिक कलक्टर के फैसले को लेकर परेशान है। गौरतलब है कि ब्यावर दुखांतिका के बाद जिला प्रशासन व रसद विभाग ने अवैध रिफिलिंग पर सख्ती दिखाते हुए सख्ती के कार्रवाई के आदेश दिए थे।
...फिर भी खुश!
पत्रिका पड़ताल में सामने आया कि 50 हजार रुपए के जुर्माने के बाद भी वाहन मालिक खुश नजर आए। उनका तर्क था कि कोर्ट के चक्कर लगाने की बजाय उन्हें कलक्ट्रेट कोर्ट में महज एक-दो पेशी के बाद ही 50 हजार रुपए के आर्थिक दंड के बाद छुटकारा मिल गया।
पुराने वाहन मालिक परेशान
हालांकि पुराने वाहन मालिक जुर्माने की राशि ज्यादा होने से खासा परेशान है। उनका तर्क है कि वाहन की कीमत से ज्यादा जुर्माना होने पर लोगों का वाहन छुड़वाने से मोहभंग हो जाएगा। हालांकि जानकारों का तर्क है कि कलक्टर कोर्ट के फैसले वाहन मालिक सेशन कोर्ट में भी अपील कर सकते है।
यह हुए फैसले-
केस : 1
मसूदा निवासी कैलाश जांगिड़ के यहां 18 फरवरी को अवैध रिफिलिंग का मामला पकड़ा। वैन में घरेलू गैस की रिफिलिंग करते पकड़े जाने पर वैन जब्त की गई। कलक्टर कोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना लगाया।
केस : 2
रसद विभाग की टीम ने ब्यावर सदर थाना क्षेत्र के खरवा गांव में अवैध गैस रिफिलिंग का मामला पकड़ा। कलक्टर कोर्ट में प्रकरण पर सुनवाई हुई। कलक्टर कोर्ट ने 50 हजार रुपए का जुर्माना वसूला।
कलक्टर कोर्ट में अवैध रिफिलिंग के जो केस आते है उनमें गत दिनों कुछ फैसलों में 50 हजार रुपए के जुर्माना लगाए है। केस के फैसले के वक्त उसके जुर्माने राशि तय की जाती है।
-आरती डोगरा, जिला कलक्टर अजमेर