
हिमांशु धवल
अजमेर. देशभर में कोरोना संक्रमण के यहां-वहां फैलने का असर अब ट्रेनों पर भी दिखाई देने लगा है। ट्रेनों में लगातार यात्रियों की संख्या कम होती जा रही है, वहीं रिजर्वेशन रद्द करवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। इससे रेलवे की आय पर भी असर पड़ रहा है।
कोरोना वायरस के बढ़ते असर और केन्द्र सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी करने के बाद से उत्तर-पश्चिम रेलवे के अजमेर डिवीजन के अन्तर्गत संचालित होने वाली ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या कम होती जा रही है। पिछले पांच दिनों से अजमेर डिवीजन में रिजर्वेशन टिकट कैंसिल कराने पर लौटाई जाने वाली राशि का आंकड़ा प्रतिदिन औसत 12 से 15 लाख के बीच पहुंच गया है। जबकि इससे पहले औसतन यह आंकड़ा 5 से 5.50 लाख के बीच ही रहता था।
फैक्ट फाइल
- 13, 95, 585 रुपए 16 मार्च 2020 को रिजर्वेशन कैंसिल कराने पर लौटाए
- 5 लाख रुपए रिजर्वेशन कैंसिल कराने पर सामान्यत: लौटाते हैं प्रतिदिन
- 17 हजार यात्रियों ने 16 मार्च 2019 को आरक्षित कोच में की थी यात्रा
- 5000 यात्रियों ने 16 मार्च को 2020 को आरक्षित कोच में की यात्रा
- 67 ट्रेनों की आवाजाही, 40 हजार का यात्री भार औसत
हरिद्वार के होटल में नहीं हुई बुकिंग
अजमेर से पत्नी देवेश्वरी के साथ 28 मार्च को हरिद्वार जाने के लिए रिजर्वेशन करवाया था। देश में कोरोना का प्रकोप बढऩे और हरिद्वार की होटल में बुकिंग नहीं होने के कारण रिजर्वेशन टिकट को कैंसल करवाया है।
- सतीश कुमार, अजमेर
कोरोना के कारण कराया टिकट रद्द
चाचा हेमराज आनंद, चाची शकुंलता और भाई देवेन्द्र को व्यास जाना था। इसके लिए 19 मार्च को अजमेर-अमृतसर ट्रेन में रिजर्वेशन करवाया था, लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण रिजर्वेशन रद्द करवाया है।
- जयप्रकाश, अजमेर
इनका कहना है...
ट्रेनों में रिजर्वेशन रद्द कराने पर रिफंड की जाने वाली राशि में पिछले कुछ दिनों से बढ़ोतरी हुई है। ट्रेन के आरक्षित कोचों में 16 मार्च 2020 को 5 हजार यात्रियों ने यात्रा की, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 17 हजार थी।
- महेशचंद जैवलिया, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजमेर