
अजमेर.
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने मुख्यमंत्री राहत कोष में सात दिन का वेतन जमा कराने का फैसला किया है। इसके अलावा उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों से भी राहत कोष में सहायता देने की अपील की है। प्रो. सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना महामारी से निबटने और जरूरतमंदों की सहयता के लिए आर्थिक मदद की अपील की है। इसके तहत वे अपना सात दिन का वेतन राहत कोष में जमा कराएंगे।
कॉलेज शिक्षक भी देंगे वेतन
राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने भी कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 दिन का वेतन जमा कराने का निर्णय लिया है। महामंत्री डॉ. नारायणलाल गुप्ता ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से केंद्र और राज्य सरकार बखूबी निबट रही है। सरकार की सहायार्थ संघ से जुड़े शिक्षक 1 दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराएंगे।
कॉलेज-यूनिवर्सिटी शिक्षकों को दिया होमवर्क
अजमेर. कोरोना वायरस संक्रमण के चलते देश के कई राज्यों में लॉक डाउन है। इसके चलते यूजीसी ने विश्वविद्यालय और कॉलेज शिक्षकों को होमवर्क दिया है। इधर कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने भी शिक्षकों को कई कार्य दिए हैं।
यूजीसी के सचिव अमित खरे ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते देशभर में कॉलेज-यूनिवर्सिटी बंद हैं। शिक्षकों को 31 मार्च तक घर पर रहकर कामकाज करना है। इसके तहत वे ई-कंटेंट, ई-लेक्चर तैयार कर सकते हैं। सत्र 2020-21 का अकादमिक प्लान, विषयवार पढ़ाए जाने वाले टॉपिक तैयार कर सकते हैं। शोध के लिए पेपर और आर्टिकल लिख सकते हैं।
विद्यार्थियों के सहायतार्थ प्रश्न बैंक तैयार किए जा सकते हैं।निदेशालय ने भी दिया कार्यकॉलेज शिक्षा निदेशालय ने राज्य के शिक्षकों को होमवर्क दिया है। आयुक्त प्रदीप बोरड़ ने बताया कि प्राचार्य और शिक्षक इस अवधि में सिलेबस से प्रश्न पत्र तैयार करेंगे। यह विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। विषयवार मॉडल प्रश्नों के उत्तर भी तैयार करेंगे। इन्हें विद्यार्थियों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा सकता है।