अजमेर

#Corona impact: कोरोना से बढ़ा संकट, सम्बद्धता देने में होगी देरी

स्कूल, कॉलेज को देते हैं बोर्ड और यूनिवर्सिटी सम्बद्धता।
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May 30, 2020
affiliation process
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रक्तिम तिवारी/अजमेर.

कोरोना वायरस संक्रमण ने शिक्षण संस्थानों की परेशानी बढ़ा दी है। सीबीएसई और राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए स्कूल-कॉलेज को सम्बद्धता देना आसान नहीं है।

सत्र 2020-21 में ऑनलाइन फार्म, फीस लेने के बाद निरीक्षण जैसी औपचारिकताएं को समय पर पूरा करना चुनौती है।सीबीएसई, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राज्य के विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष नई अथवा अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज को सम्बद्धता देते हैं। स्कूल और कॉलेज निर्धारित फीस देकर ऑनलाइन आवेदन करते हैं। बोर्ड और विश्वविद्यालयों की टीम इनका निरीक्षण कर सम्बद्धता के लिए अनुशंषा करती है। बोर्ड और यूनिवर्सिटी एक या दो सत्र की एकमुश्त सम्बद्धता जारी करते हैं।

सीबीएसई ने दो बार बढ़ाई तिथि
सीबीएसई से 30 हजार निजी, 25 हजार सरकारी, 1350 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 600 जवाहर नवोदय विद्यालय, 15 तिब्बत स्कूल सम्बद्ध हैं। दिल्ली, प्रयागराज, पुणे, भोपाल, अजमेर, देहरादून, पटना, भुवनेश्वर, चेन्नई और अन्य रीजन के स्कूल को 2021-22 की सम्बद्धता लेनी है। लॉकडाउन के चलते बोर्ड ने 30 जून सम्बद्धता आवेदन तिथि बढ़ाई हैं। स्कूल के आवेदनों के बाद बोर्ड द्वारा निरीक्षण, रिपोर्ट तैयार करने जैसी औपचारिकताओं में समय लगेगा।

मदस विश्वविद्यालय
अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर और टोंक जिले के 300 से ज्यादा सरकारी, निजी कॉलेज सम्बद्ध हैं। अस्थाई सम्बद्धता वाले कॉलेज प्रतिवर्ष फीस जमा कराते हैं। इन्हें एक या तीन साल की एकमुश्त सम्बद्धता मिलती है। विश्वविद्यालय में करीब 2012-13 से कई कॉलेज की सम्बद्धता बकाया है। कई कॉलेज पर पेनल्टी लगाई थी। कॉलेज इसके खिलाफ कोर्ट चले गए हैं। बकाया सम्बद्धता मामलों के निस्तारण और नए आवेदनों पर निर्णय लेना आसान नहीं है।

शिक्षा विभाग और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
शिक्षा विभाग और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड निजी और सरकारी स्कूल को सम्बद्धता देते हैं। राज्य के 33 जिलों के सरकारी और निजी स्कूल बोर्ड से सम्बद्ध हैं। बोर्ड में सम्बद्धता को लेकर ज्यादा दिक्कतें नहीं हैं। ऑनलाइन आवेदन और फीस लेने के बाद बोर्ड इनकी जांच करता है। बोर्ड प्रबंध मंडल की बैठक में इनका अनुमोदन किया जाता है।

यूं जरूरी है सम्बद्धता
-सम्बद्ध स्कूल-कॉलेज की कराई जाती है परीक्षाएं
-बोर्ड और विश्वविद्यालयों से मान्यता की पहचान
-डिग्री/अंकतालिका की वैधता
-सम्बद्धता होती है कॉलेज
-स्कूल की शैक्षिक पहचान

फैक्ट फाइल
सीबीएसई स्कूल में विद्यार्थी-32 लाख
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में विद्यार्थी-20 लाख
राज्य के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी-45 लाख

स्थिति सामान्य होते ही सम्बद्धता आवेदन को प्राथमिकता में लेंगे। समय रहते कामकाज पूरा करने की योजना बनाएंगे।
प्रो. आर. पी. सिंह, कुलपति मदस विश्वविद्यालय

Published on:
30 May 2020 06:43 am