
अजमेर. मॉडीफाइड लॉकडाउन के तहत सरकारी दफ्तर खुल चुके हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए दफ्तरों में भी अधिकारियों और उनसे जुड़े स्टाफ के लिए खास व्यवस्थाएं की गई हैं। पत्रिका टीम ने अजमेर में कुछ अहम दफ्तरों का दौरा किया तो यह स्थिति सामने आई।
राजस्थान लोक सेवा आयोग
आम दिनों में हजारों लोगों की आवाजाही और कर्मचारियों-अधिकारियों से आबाद रहने वाले आरपीएससी परिसर में सन्नाटा पसरा है। अलबत्ता मेनगेट आधा खुला और आधा बंद मिला। जैसे ही टीम मुख्य बिल्डिंग की सीढिय़ां चढकऱ आगे बढ़ी तो सुरक्षाकर्मी ने रोक लिया। उसने थर्मल स्कैनर से तापमान चेक किया। तापमान 90 डिग्री होने और संतुष्ट होने बाद उसने अंदर जाने की अनुमति दी। अध्यक्ष के चैंबर से पहले निजी सचिव के कक्ष में हैंड सेनेटाइजर से हाथ साफ करने को कहा गया।
एमडीएस यूनिवर्सिटी
कायड़ रोड पर एमडीएस यूनिवर्सिटी में मेन गेट पर सुरक्षा गार्डों ने रोका। उन्होंने हैंड सेनेटाइजर से हाथ साफ कराए। इसके बाद टीम बृहस्पति भवन स्थित कुलपति सचिवालय पहुंची। यहां प्रवेश द्वार पर हैंड सेनेटाइजर से हाथ साफ कराने के बाद ही भीतर जाने दिया गया। थर्मल स्कैनर जांच यहां नहीं की गई।
यह दफ्तर भी खुले
सहकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर नियोजन विभाग, जिला उद्योग केंद्र, खनिज विभाग, राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल, राज्य अभिलेखागार, पुलिस महानिरीक्षक अजमेर रेंज और जिला आबकारी अधिकारी के दफ्तर भी खुले दिखे। इन दफ्तरों में हैंड सेनेटाइजर प्रवेश द्वार पर ही रखे मिले।
कर्मचारियों-लोगों के बिना सन्नाटा
लॉकडाउन से पहले इन दफ्तरों में रोजाना हजारों लोग कामकाज के लिए पहुंचते थे। 25 मार्च से इन दफ्तरों में सन्नाटा पसरा है। टीम को सिर्फ अधिकारियों की ही आवाजें सुनाई दी। कर्मचारियों और आम लोगों की गैर मौजूदगी में दफ्तरों में अवकाश जैसा माहौल नजर आया।
होते हैं इन दफ्तरों में ये कामकाज
-आरपीएससी में भर्ती कार्य, परीक्षा फार्म, साक्षात्कार, काउंसलिंग
-आबकारी विभाग में शराब के ठेकों की जांच, राजस्व वसूली
-पंजीयन मुद्रांक विभाग में जमीन-भवनों के पंजीयन, शुल्क वसूली
-सहकारिता विभाग में ऋण, ऑडिट, सहकारी योजनाओं का क्रियान्यवयन
-उद्योग विभाग में ऋण और सरकारी योजनाओं का संचालन
नए सत्र में किसके अधीन होंगे लॉ कॉलेज
रक्तिम तिवारी/अजमेर. लॉ कॉलेज सत्र 2020-21 में किसके अधीन होंगे इस पर सरकार को जल्द विचार करना होगा। दरअसल राज्य में डॉ. भीमराव अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित हो चुकी है। सरकार को नियमानुसार और चरणबद्ध तरीके से ही यूनिवर्सिटी को लॉ कॉलेज सौंप सकेगी।
राज्य में 15 सरकारी और 80 निजी लॉ कॉलेज हैं। सरकारी लॉ कॉलेज में 125 रीडर और लेक्चरर कार्यरत हैं। निजी कॉलेज में कुछेक को छोडकऱ अधिकांश में फेकल्टी कम हैं।खुला अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी राज्य में अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी खुल चुका है। नियमों और एक्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी को लॉ कॉलेज को सत्र 2020-21 से पाठ्यक्रम निर्माण, कैंपस कोर्स चलाने हैं। इनके अलावा लॉ कॉलेज की सम्बद्धता कार्य भी करना है।