
अजमेर. कोरोना ने जहां पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा की गतिविधियों को चौपट कर दिया,वहीं राजस्थान लोकसेवा आयोग नई नियुक्तियां नहीं कर पा रहा। कई परीक्षाएं स्थगित हो गई।
कोरोना वायरस हजारों बेरोजगारों और नौकरी के बीच बड़ा खलनायक साबित हुआ है। बैंक और रेलवे में तमाम परीक्षाएं व साक्षात्कार की बाधाएं पार कर नौकरी की उम्म्ममीद लगाए देशभर के हजारों अभ्यर्थियों को कोराना की वजह से नियुक्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
अंतिम परिणाम अगले आदेश तक स्थगित
सरकारी बैंकों में प्रोविजनल ऑफिसर (पीओ ) और क्लर्क वर्ग की नियुक्ति करने वाले इंस्टीट्यूट ऑफ बैकिंग पर्सनल सलेक्शन (आईबीपीएस) ने 1 अप्रेल को घाोषित होने वाला अंतिम परिणाम अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। आईबीपीएस की ओर से बैंक पीओ के 4 हजार 336 पद के लिए प्रारंभिक व मुख्य लिखित परीक्षा के बाद पिछले माह साक्षात्कार भी ले लिए गए थे। इसके अलावा 12 हजार 75 क्लर्क भर्ती के लिए मुख्य परीक्षाएं भी ले ली थी। क्लर्क पद के लिए साक्षात्कार का प्रावधान नहीं होने की वजह से मुख्य परीक्षाओं के आधार पर ही नियुक्ति के लिए परिणाम जारी किए जाने थे। दोनों वर्ग में अंतिम रूप से नौकरी के लिए चयनित अभ्यर्थियों का परिणाम 1 अप्रेल को जारी किए जाने वाला था। अब अभ्यर्थियों को इंतजार करना होगा।
रेलवे में रुकी रोजगार एक्सप्रेस
रेलवे में पिछले समय से तेज गति पकड़ चुकी नियुक्ति प्रक्र्रिया को कोराना की वजह से ब्रेक लग गए हैं। सरकारी कार्यालय बंद होने की वजह से रेलवे में अभ्यर्थियाों को नियुक्ति पद के लिए काफी इंतजार करना पड़ सकता है। इसके अलावा जिन पद के लिए लिखित परीक्षा का कार्यक्रम तय नहीं हो पाया है,वह भी लंबे समय तक ठंडे बस्ते में जा सकती है।
रेलवे भर्ती बोर्ड ने पिछले सप्ताह स्टॉफ नर्स सहित पैरामेडिकल स्टॉफ के 1937 पद की नियुक्ति के लिए पैनल संबंधित रेलवे मुख्यालयों को भेजेे थे, लेकिन बदले हालातों के चलते वहां से नियुक्ति पद शीघ्र जारी होने की संभावनाएं नहीं है। इसके अलावा सहायक लोको पायलट और तकनीशियन वर्ग के बचे हुए चयनित अभ्यर्थियों का भी इंतजार लंबा हो सकता है। रेलवे में लिपिक वर्ग की प्रारंभिक लिखित परीक्षा के लिए देशभर में लगभग डेढ़ करोड़ अभ्यर्थियों को इंतजार है। कोरोना वायरस के चलते इस परीक्षा को भी फिलहाल हरी झंडी मिलना आसान नहीं है।