बच्चों के परिजन ने शिक्षिका व उसके पति की कार को रोका, अफवाह पर जुटी भीड़, पुलिस की मौजूदगी में हंगामे के बाद हुआ सच उजागर
अजमेर. देश-प्रदेश में बच्चा चोरी की अफवाहों के बीच गुरुवार दोपहर शिक्षिका और उसके पति को एक अन्य निजी स्कूल के विद्यार्थियों के परिजन ने घेर लिया। पुलिस चौकी में दो घंटे तक हंगामे के बाद संदेह का सच उजागर हुआ तथा परिजन को पीडि़त दम्पती माफी मांगनी पड़ी। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि शिक्षिका ने दो दिन पहले सड़क पर खड़े स्कूली बच्चों को सद्भावनावश टोका था। जिसे बच्चों ने परिजन व शिक्षकों के समक्ष बच्चा चोर की कहानी बनाकर पेश कर दिया।
फॉयसागर रोड केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ग्रुप केन्द्र-2 स्थित केन्द्रीय विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका दोपहर अपने पति के साथ घर जा रही थीं। फॉयसागर रोड स्थित मॅस्कॉट द स्कूल के सामने से गुजरने के दौरान भीड़ ने उनकी कार को रुकवा लिया। लोगों ने दम्पती से बदसलूकी करते हुए मोबाइल फोन छीनने व कार से उतारने का प्रयास किया। इससे होंठ पर चोट लग गई। भीड़ ने बच्चे चुराने का आरोप लगाते हुए नीचे उतरने का दबाव बनाया। दम्पती ने कार से उतरने से इन्कार कर दिया तो लोग उन्हें फॉयसागर पुलिस चौकी लेकर आ गए। बच्चा चोर पकड़े जाने की अफवाह फैलते ही क्षेत्रीय पार्षद ज्ञान सारस्वत, भंवर साहू समेत सैकड़ों लोग पहुंच गए। इधर केन्द्रीय विद्यालय के प्रिंसीपल व शिक्षक भी चौकी पहुंच गए। यहां पार्षद सारस्वत से उनकी नोक-झोंक से माहौल गर्मा गया। पुलिस दम्पती व बच्चों को थाने लेकर आ गई। यहां दरगाह थानाप्रभारी हेमराज ने अलग-अलग पूछताछ की तो सच सामने आया।
मोबाइल की होगी जांच
दम्पती की कार की तलाशी में क्षतिग्रस्त आइफोन मिला। दम्पती ने आइफोन अपना होने से इन्कार कर दिया। क्षेत्रवासियों का आरोप था कि आइफोन में बच्चों की फोटो है। थानाप्रभारी हेमराज ने उपनिरीक्षक प्रीति रत्नू को आइफोन की जांच व वास्तविक मालिक की तलाश के आदेश दिए।
टल गई बड़ी वारदात
बच्चा चोर पकड़े जाने की अफवाह पर फॉयसागर रोड पर सैकड़ों महिला-पुरुष और युवा जुट गए। जिसने सुना वह चौकी पहुंच गया। भीड़ जुटती चली गई। इससे मामला पुलिस से भी बेकाबू हो गया। पुलिस शिक्षिका और उसके पति को बचाए या भीड़ को संभाले। भीड़ को चौकी से निकालने के लिए खासा मशक्कत करनी पड़ गई।
गफलत में हुई घटना
बच्चों के बताए घटनाक्रम के अनुसार शिक्षिका ने सोमवार को उन्हें टोका। इसके बाद वह बच्चों के पीछे-पीछे कार से चल रही थी। इस दौरान वह फोन पर बात कर रही थी तो बच्चों ने फोटो खींचना समझा। मंगलवार व बुधवार को तेजी से गुजर गईं तो उन्होंने रैकी करना समझा। गुरुवार को बच्चों के परिजन ने कार के सामने आकर रुकवा लिया। घटनाक्रम गफलत में पेश आया। शिक्षिका ने सद्भावनावश बच्चों को सड़क पर खड़ा न रहने के लिए टोका था। शिक्षिका व उनके पति से उन्होंने घटना को लेकर माफी मांगी।
-ज्ञान सारस्वत, क्षेत्रीय पार्षद
नहीं है कोई बच्चा चोर
गफलत में घटना पेश आई। बच्चों के बयान से सच सामने आया। शिक्षिका ने सद्भावनावश बच्चों को सड़क पर खड़े ना रहने के लिए टोका था। सारा वाकया नासमझी में पेश आया। असामाजिक तत्व ने टूटा हुआ आइफोन कार में डाल दिया, जिसकी पड़ताल की जा रही है। अफवाह के चक्कर में किसी भी व्यक्ति से अभद्र व्यवहार न करे। संदेह है तो पहले पुलिस को सूचित करें। ऐसा न हो कि महज शक के आधार पर किसी व्यक्ति से अभद्रता हो जाए।
-हेमराज, थानाप्रभारी दरगाह