
अजमेर . एससीएसटी न्यायालय की जज बृजमाधुरी शर्मा ने सुनाए एक फैसले में नाबालिग से दुराचार के अभियुक्त चौथमल को उम्रकैद व 1 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
आरोपित के खिलाफ क्रिश्चियनगंज थाने में 21 अप्रेल 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि नाबालिग पीडि़ता घरों में झाड़ू पोंछा लगाने व बर्तन मांजने का काम करती थी। उसी घर में आरोपित भी कार्य करता था। घटना वाले दिन पीडि़ता रोज की तरह कार्य करने गई, उस वक्त चौथमल घर में अकेला था।
जब वह काम कर लौटने लगी तो आरोपित ने उसे पीछे से पकड़ कर मुंह बंद कर दुराचार किया। पीडि़ता ने घर आकर रोते हुए अपनी मां को सारी बात बताई। इसके बाद आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील पंकज जैन 8 गवाह व 21 दस्तावेज पेश किए।
अदालत ने फैसले में यह भी लिखा कि पीडि़ता गरीब परिवार की लड़की है। जिस मकान में वह काम करती थी उस दिन अभियुक्त ने मकान में अकेले गलत परिस्थितियों का फायदा उठाया। इसलिए उसे दंडित करना जरुरी है।
यह सुनाई सजा
-भादस की धारा 376 के तहत उम्रकैद व 50 हजार रुपए जुर्माना।
-पोक्सो कानून के तहत उम्रकै द व 50 हजार रुपए जुर्माना।