अजमेर

13 साल बाद पुलिस की एफआर नामंजूर, आरोपी तलब

2011 में पुलिस ने मामला नहीं बनना बताकर लगाई थी एफआर जमीन के सौदे में आरोपी ने ‘स्टॉप पेमेंट’ करा दिए थे चेकअजमेर. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (संख्या-3) की पीठासीन अधिकारी सलोनी माथुर ने धोखाधड़ी के मामले में वर्ष 2011 में पुलिस थाना क्लॉक टावर की ओर से लगाई एफआर नामंजूर कर आरोपी पंकज जैन […]

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Dec 09, 2024
court news

2011 में पुलिस ने मामला नहीं बनना बताकर लगाई थी एफआर

जमीन के सौदे में आरोपी ने ‘स्टॉप पेमेंट’ करा दिए थे चेकअजमेर. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (संख्या-3) की पीठासीन अधिकारी सलोनी माथुर ने धोखाधड़ी के मामले में वर्ष 2011 में पुलिस थाना क्लॉक टावर की ओर से लगाई एफआर नामंजूर कर आरोपी पंकज जैन उर्फ गुड्डू को जमानती वारंट से तलब किया है।

अनादरित हुए थे चेकपरिवादी अशोक गोयल द्वारा किरानीपुरा में आरोपी से 7 बीघा पांच बिस्वा जमीन का 32 लाख रुपए में सौदा करने पर आरोपी ने 20 लाख रुपए के चेक देकर 12 लाख के लिए इकरारनामा कर लिया। बाद में आरोपी द्वारा चेक स्टॉप पेमेंट कराने से अनादरित हो गए।

परिवादी द्वारा पुलिस थाना क्लॉक टावर में रिपोर्ट दर्ज करवाने पर पुलिस ने 2011 में मामला नहीं बनना बताकर अदालत में एफआर प्रस्तुत कर दी।परिवादी ने हाल ही में वकील रणजीत सिंह व अविनाश तंवर के जरिए न्यायालय में विरोध याचिका के साथ लिखित बहस पेश की।

आईओ ने इकरारनामा जब्त नहीं कियालिखित बहस में अनुसंधान अधिकारी द्वारा विवादित इकरारनामा भी बरामद नहीं करना बताया। बहस में यह भी बताया गया कि आरोपी ने जानबूझ कर चेक का स्टॉप पेमेंट करवा दिया गया और परिवादी को राशि अदा नहीं की। पुलिस ने गवाहों से भी कोई अनुसंधान नहीं किया। अदालत ने एफआर नामंजूर करते हुए आरोपी का जमानती वारंट से तलब किया।

Published on:
09 Dec 2024 10:37 pm
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