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राजस्थान में मना खामेनेई की मौत का मातम, ट्रंप-नेतन्याहू के खिलाफ सड़कों पर उतरा शिया समुदाय, फूंके पुतले

अजमेर में अली खामेनेई की मौत के बाद शिया समुदाय ने कैंडल मार्च निकाला। डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ नारेबाजी हुई। तीन दिन के शोक का एलान किया गया। प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कराया।

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अजमेर

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Arvind Rao

Mar 02, 2026

Ajmer Protest Pro Khamenei March in Rajasthan Trump-Netanyahu Effigies Burnt 3 Day Mourning Declared

सड़कों पर उतरे लोग (फोटो सोशल मीडिया)

अजमेर: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की तपिश अब राजस्थान के अजमेर तक पहुंच गई है। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हालिया सैन्य हमले में मौत के बाद अजमेर का शिया समुदाय सड़कों पर उतर आया है।

बता दें कि रविवार रात अजमेर में शिया समाज के लोगों ने न केवल कैंडल मार्च निकाला। बल्कि अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे

अजमेर के दरगाह क्षेत्र और अन्य प्रमुख इलाकों में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। विरोध इतना तीव्र था कि भीड़ ने दोनों वैश्विक नेताओं के पुतले भी फूंके।

तीन दिन के शोक का एलान, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि

शिया धर्मगुरु मौलाना काजिम अली जैदी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान भर में तीन दिनों के शोक की घोषणा की गई है। कैंडल मार्च के दौरान बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं के हाथों में खामेनेई की तस्वीरें थीं। समुदाय ने इसे 'कौम के लिए अपूरणीय क्षति' बताते हुए कहा कि रमजान के मुकद्दस महीने में हुई यह शहादत हमेशा याद रखी जाएगी।

भारी पुलिस बल की तैनाती

तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए अजमेर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। आयोजकों ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन पूर्व अनुमति के साथ और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया। पुलिस की निगरानी में कैंडल मार्च निकाला गया और खामेनेई की शहादत में कुरान ख्वानी (पाठ) का दौर शुरू हुआ।

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान में चलाए गए संयुक्त सैन्य अभियान के बाद यह पहली बार है, जब राजस्थान में इस तरह की बड़ी प्रतिक्रिया देखी गई है। शिया समुदाय का कहना है कि वे इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा करते हैं। आगामी दो दिनों तक राज्य के अलग-अलग शहरों में इसी तरह की शोक सभाएं और विरोध कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।