ज्यादातर लोगों ने बुखार, खांसी और विटामिन सी की दवाई खरीदी
तरूण कश्यप
अजमेर। कोरोना की लहर ज्यों ज्यों बढ़ी, त्यों त्यों बाजार में इसकी दवाओं की बिक्री में बढ़ोतरी होती गई। बीते 1 माह के आंकड़ों को देखें तो सामने आया कि लोगों ने इस दौरान बुखार, खांसी, विटामिन जैसे दवाओं की ज्यादा खरीद की। एक तरफ बढ़ता कोरोनावायरस, दूसरी तरफ सर्दी की तेजी ने लोगों को बुखार-खांसी से ज्यादा पीडि़त रखा। हालांकि दवाओं को लेकर पहले जैसी किल्लत नहीं रही।
मेडिकल व्यवसायियों का कहना है की दवाओं का स्टॉक भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। पिछले एक माह के भीतर ही खुराना की दवाओं की बिक्री में लगभग 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी ज्यादा जरूरी है। यदि सावधानी रखी जाए, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ टीकाकरण को अपनाया जाए तो कोरोनावायरस से बचा जा सकता है। दवाएं भी चिकित्सकों की सलाह से ही ली जाएं। अपने स्तर पर मेडिकल स्टोर से खरीदकर ना लें। वह शरीर पर विपरीत असर भी कर सकती हैं।
एक महीने में तीस फीसदी का इजाफा:
गांधी भवन चौराहा स्थित प्रमुख आयुर्वेद दवा कारोबारी ने बताया कि बीते माह आयुर्वेदिक दवाओं की बिक्री बढ़ी है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों ने आयुर्वेदिक औषधि को दैनिक चरणों में शामिल किया। बीते दिनों सर्दी भी तेज रही। इसके चलते आयुर्वेद दवाओं की मांग में 30 फीसदी उछाल आया है।
स्टीमर और वेपोराइजर की भी मांग:
थोक दवा कारोबारियों के अनुसार मौसम ज्यादा सर्द होने से स्टीमर और वेपोराइजर की मांग ज्यादा बढ़ गई। इस दौरान कई लोगों ने घर पर ही इलाज लिया। बुखार की साधारण दवा पेरासिटामोल, विटामिन सी, मल्टीविटामिन आदि की भी लोगों ने अपने स्तर पर ही खरीद की। सर्जिकल सामान बेचने वालों का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क की सबसे ज्यादा डिमांड रही। इसके अलावा सैनिटाइजर, थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर आदि की भी मांग में काफी बढ़ोतरी हुई है। दवा कारोबारियों का मानना है कि जब केस बढ़ते हैं तो दवाओं व सर्जिकल सामान की बिक्री भी बढ़ती है।