अजमेर

Crime: महाराष्ट्र में मकोका लगा तो राजस्थान को बनाया निशाना

यहां वहां लम्बे अर्से से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा, लेकिन पुलिस को भनक नहीं लगी।
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Oct 27, 2019
culprits arrested
culprits arrested

अजमेर/पाली.

राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र पुलिस के लिए परेशानी बनने वाला शातिर अपराधी (culprit) राहुल उर्फ पंडित सिंह बरसों तक आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा। महाराष्ट्र (maharashtra) के नांदेड़ और बीड़ जिले का आदतन अपराधी होने पर उसके खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) की कार्रवाई हुई। इससे छुटकारा पाने के लिए उसने राजस्थान (rajasthan) को शरणस्थली बना लिया। यहां वहां लम्बे अर्से से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा, लेकिन पुलिस को भनक नहीं लगी।

राहुल हर मामले में महाराष्ट्र पुलिस के निशाने (police target) पर चढ़ा, लेकिन बाद में राजस्थान आ गया। वह पहले अपने गांव भादरलाऊ में ट्रेन के जरिए गुजरात (gujrat) में शराब की तस्करी करने लगा। वह राजस्थान से अवैध शराब लेकर गुजरात में बेचता था। ट्रेन में हुई वारदात (train incident) पुलिस में दर्ज नहीं हैं।

नाम बदलकर रहा पाली में
राहुल (rahul) बेहद शातिर दिमाग का है। वह पाली के देव नगर नया गांव स्थित मकान में रहा। यहां उसने नाम बदलकर राहुल बंजारा कर लिया। पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगी। पाली में रहते हुए उसने गिरोह बनाया और ज्वैलरी शोरूम (showroom) में कई वारदात अंजाम दीं। गिरोह दस से बीस मिनट में वारदात कर फरार होने में माहिर है।

बूसी में बनवाई कार की नम्बर प्लेट
गिरोह ने जिस कार को उड़ाया (car theft) उसके नंबर पुलिस के पास पहुंच गए। राहुल ने बूसी-सोमेसर में नई नंबर प्लेट बनवाई। भनक लगते ही पुलिस ने लगातार उसका पीछा (police operation) किया। आखिर गिरोह के सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गए। राहुल का नाम पुलिस के पास पहुंचा तो नाडोल चौकी प्रभारी कमल सिंह और कोशेलाव चौकी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने उसके पते को ट्रेस कर लिया। उन्होंने दबिश देकर उसे दबोच लिया।

करनी है माल बरामदगी
पुलिस को अब गिरोह से माल बरामदगी पर है। चोरी के माल (theft things) खरीदने वालों पर भी पुलिस की नजर है। मालूम हो कि पूर्व में राहुल पुलिस पर हमला भी कर चुका है।

Published on:
27 Oct 2019 08:45 am