अजमेर

Eid Statement : दरगाह दीवान बताया हिन्दू-मुस्लिमों में कैसे बनेगी विवादित बिंदुओं पर सहमति

ajmer news -dargah diwan : ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान ने कहा हिंदू और मुस्लिम धर्मावलंबियों में परस्पर विश्वास की भावना जागृत करने की जरूरत है। इसके लिए दोनों धर्मों के धर्म गुरुओं को एक साथ आना होगा। आपसी विश्वास कायम होगा तभी दोनों धर्मों के बीच कई विवादित बिंदुओं पर आम सहमति बन सकेगी।

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Aug 13, 2019
Eid Statement : दरगाह दीवान बताया हिन्दू-मुस्लिमों में कैसे बनेगी विवादित बिंदुओं पर सहमति

अजमेर.

ईद उल अजहा (eid ul adha) के मौके पर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह (ajmer dargah) स्थित खानकाह से जारी संदेश में दरगाह दीवान (dargah diwan) ने कहा कि इस देश में हमारे पूर्वज सदियों से परस्पर विश्वास के दम पर जीते रहे और एक दूसरे की खुशी गमी त्योहारों में शामिल होते रहे। एकाएक उस गंगा-जमुनी तहजीब को मानो ऐसा ग्रहण लगा कि अब महसूस होता है कि दोनों धर्मों के लोगों में विश्वास की कमी आ चुकी है।

दरगाह दीवान ने कहा कि वर्तमान परिवेश में दो संप्रदायों के बीच अविश्वास की भावना इस तरह उत्पन्न हो रही है कि दाढ़ी रखने वाला, नमाज़ पढऩे वाला, टोपी पहनने वाला मुसलमान अपने-आप अयोग्य घोषित हो जाता है जो अपने धर्म के कोई लक्षण ज़ाहिर न होने दे। दूसरी तरफ भजन, कीर्तन, तीर्थयात्रा, धार्मिक जयकारे और तिलक आदि लगाने को देशभक्ति का लक्षण बनाया जा रहा है यानी जो ऐसा नहीं करेगा वो देशभक्त नहीं होगा, ज़ाहिर है मुसलमान अपने-आप किनारे रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अविश्वास की बुनियादी वजह प्रायोजित राष्ट्रवाद और उसको हवा देने लगता है।
दीवान ने कहा कि यह ऐसा वक्त है जब सरकार का सारा ध्यान सिफऱ् मुसलमानों में सामाजिक सुधार लाने पर है। तीन तलाक़, हज सब्सिडी और हलाला आदि विषयों पर जिस जोश से चर्चा हो रही है, उससे मुसलमानों पर एक दबाव बना है। वे इस देश में कैसे रहेंगे इसका फ़ैसला बहुसंख्यक हिंदू करेंगे ऐसा कथित विश्वास अल्पसंख्यकों में घर कर गया है जिसे बहुसंख्यक वर्ग को रचनात्मक रूप से दूर करने के लिए आगे आना होगा। इसी से परस्पर विश्वास की भावना कायम होगी।

Published on:
13 Aug 2019 01:45 am
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