
भूपेन्द्र सिंह
अजमेर. सौ फीसदी दिव्यांग राजकुमार शर्मा की पिछले 3 वर्षों से बंद विकलांग पेंशन चालू हो गई है। इसके साथ ही तीन साल का बकाया २७ हजार रुपए का एरियर भी शर्मा के बैंक खाते में आ गया है। पेंशन चालू करवाने तथा बकाया पेंशन के लिए राजकुमार की दादी पिछले तीन साल से चक्कर लगा रही थी लेकिन सुनवाई नहीं हो रही थी। पेंशन चालू होने पर दादी शीला शर्मा ने राजस्थान पत्रिका के साथ ही जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित का आभार व्यक्त किया। राजस्थान पत्रिका के 6 अक्टूबर के अंक में मामला प्रकाशित होने के बाद जिला कलक्टर ने मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश पर सामाजिक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने राजकुमार का आधार कार्ड बनवाया तथा उसका बैंक अकाउंट भी खुलवाया और इसे आधार से भी जोड़ा। विभाग ने राजकुमार का पेंशन प्रकरण बना कर जयपुर भी भेजा गया था। जिला कलक्टर ने मामले पर नजर रखी तथा लगातार अपडेट भी लेते रहे।
परिवार ने नहीं ली बाहरी सहायता
पिछले तीन साल तक सरकारी कारिंदों की लापरवाही के चलते पेंशन नहीं मिलने का मामला पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया। इस पर राजस्थान सहित देशभर से राजकुमार व परिवार की मदद के लिए लोगों ने हाथ बढ़ाएा। कई संस्थाएं व संगठन भी आगे आए। राजकुमार की एक मुश्त मदद देने के साथ ही प्रतिमाह खर्च उठाने का भी भरोसा दिया लेकिन परिवार ने पेंशन के अलावा अन्य कोई सहायता राशि स्वीकार नहीं की। परिवार की केवल एक ही मांग थी कि उनकी पेंशन चालू करवाई जाए।
यह मामला
सेलेब्रल पाल्सी रोग से पीडि़त दिव्यांग और अनाथ राजकुमार शर्मा के सिर से करीब १० साल पहले पिता व ६ साल पूर्व मां का साया उठ गया। बोलने और चलने फिरने में असमर्थ यह द्विव्यांग अपनी बूढ़ी दादी के भरोसे रावत नगर फॉयसागर रोड क्षेत्र में जैसे-तैसे जीवन गुजार रहा है। राजकुमार को मुख्यमंत्री विकलांग पेंशन योजना के तहत प्रतिमाह ७५० रुपए पेंशन का भुगतान मनीऑर्डर के जरिए होता था। लेकिन वर्ष २०१८ से मनीऑर्डर व्यवस्था बंद होने से पेंशन नहीं मिल पा रही है। इससे राजकुमार का जीवन निर्वाह संकट में चल रहा था। सेरेब्रल पाल्सी एक ऐसी खतरनाक बीमारी होती है जिसमें बीमारी क्रमश: बढ़ती है और पहले 3 सालों में मस्तिष्क को होने वाले नुकसान की वजह से शरीर की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं और आगे मस्तिष्क से शरीर का सामंजस्य नहीं बैठ पाता है, नतीजा शरीर में अपंगता बढ़ती जाती है।
इनका कहना है
द्विव्यांग राजकुमार की पेंशन खाते में आ गई है। अब यह लगातार मिलती रहेगी। पेंशन के लिए आधार कार्ड बनवाया गया, बैंक खाता भी खुलवाया गया। पेंशन प्रकरण जयपुर भेजा गया था इसे तीन दिन पहले मंजूरी मिली।
प्रफुल चौबीसा, उप निदेशक, सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता विभाग,अजमेर